Swelect Energy Systems ने Q1 FY27 में **64%** की भारी गिरावट के साथ **₹7.65 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। ALMM 2 पॉलिसी की अनिश्चितता और **₹8 करोड़** के प्रोविजन का असर कंपनी के नतीजों पर साफ दिखा। हालांकि, कंपनी **110 MW** के नए प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही है और राजस्थान में सोलर पार्क का अधिग्रहण भी किया है।
चेन्नई की सोलर एनर्जी कंपनी Swelect Energy Systems ने जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों में बड़ी गिरावट दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स घटकर ₹7.65 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹21.14 करोड़ की तुलना में 63.8% कम है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी 26.2% की कमी आई और यह ₹130.77 करोड़ पर आ गया।
नतीजों पर पड़ा इन वजहों का असर:
इस तिमाही में खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह सरकार की ALMM 2 (Approved List of Models and Manufacturers) रेगुलेशन को लेकर अनिश्चितता रही। मई से जुलाई 2026 के बीच, कई ग्राहकों ने इन नियमों पर स्पष्टता का इंतजार करते हुए अपने ऑर्डर टाल दिए, जिससे कंपनी के ऑर्डर प्लेसमेंट में काफी कमी आई। इसके अलावा, Swelect के बॉटम-लाइन नतीजों पर ₹8 करोड़ के कंटीजेंसी प्रोविजन का भी असर पड़ा, जिसे संभावित वित्तीय जोखिमों से निपटने के लिए इस तिमाही में दर्ज किया गया था।
रेगुलेटरी बाधाओं के अलावा, कंपनी को डोमेस्टिक और नॉन-डोमेस्टिक सोलर मॉड्यूल के बीच प्राइसिंग गैप की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। मैंडेटरी डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट्स की ओर झुकाव ने मैन्युफैक्चरर्स और डेवलपर्स के लिए एक ट्रांज़िशन पीरियड तैयार किया है, जिससे व्यापक सोलर सेक्टर में अस्थायी डिमांड की कमी देखी गई है।
विस्तार की रणनीति जारी:
कठिन तिमाही के बावजूद, Swelect अपनी विस्तार की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के दौरान 110 MW के इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) प्रोजेक्ट्स में निवेश की घोषणा की है। साथ ही, कंपनी ने राजस्थान में 140 MW के सोलर पार्क का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह कदम कंपनी को लंबी अवधि में अपनी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।
निवेशक इस पर नज़र रखेंगे कि आने वाले महीनों में रेगुलेटरी माहौल कितना स्थिर होता है और कंपनी अपनी नई प्रोजेक्ट पाइपलाइन को ग्रोथ के लिए कितनी प्रभावी ढंग से एग्जीक्यूट कर पाती है। जैसे-जैसे डिमांड पैटर्न सामान्य होंगे, यह देखना अहम होगा कि क्या हालिया कैपेसिटी एडिशन और नए निवेश कंपनी को मोमेंटम वापस पाने में मदद कर सकते हैं।
