नतीजों में कंपनी की मजबूती
Suzlon Energy के मैनेजमेंट के लिए यह तिमाही काफी अच्छी रही है। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर नेट प्रॉफिट में 15% की शानदार बढ़त दर्ज की, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹389 करोड़ से बढ़कर ₹445 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में 42% का जोरदार उछाल देखा गया, जो ₹2,986 करोड़ से बढ़कर ₹4,228 करोड़ पर पहुंच गया।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस और मजबूत आर्डर बुक
इन वित्तीय उछाल के पीछे कंपनी का मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस रहा। इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) 48% बढ़कर ₹731 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹493 करोड़ थी। इससे कंपनी के मार्जिन (Margins) में भी सुधार हुआ, जो पिछले साल के 16.6% से बढ़कर 17.3% हो गए।
कंपनी ने इस तिमाही में 617 MW की सबसे ज़्यादा डिलेवरीज़ (Deliveries) दर्ज कीं। इसके बावजूद, कंपनी की आर्डर बुक (Order book) 6.4 GW पर मजबूत बनी हुई है, और 2.4 GW के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। CEO JP Chalasani ने कहा, "हमारी क्लोजिंग आर्डर बुक 6.4 GW है, जो इस तिमाही की सबसे ज़्यादा डिलेवरीज़ के बावजूद ओपनिंग आर्डर बुक से ज़्यादा है। यह हमारे समाधानों की मांग और हमारे एग्जीक्यूशन (Execution) की प्रभावशीलता को दर्शाता है।"
नतीजों के बाद शेयर में गिरावट का खेल
शानदार वित्तीय रिपोर्ट और पॉजिटिव ऑपरेशनल कमेंट्री के बावजूद, Suzlon Energy के शेयरों में नतीजों के बाद भारी बिकवाली देखी गई। शेयर 5.7% तक गिर गए। यह गिरावट ब्रॉडर बेंचमार्क Nifty 50 इंडेक्स के 0.5% के मामूली डिप से बिल्कुल विपरीत थी। पिछले एक साल में, शेयर 14% तक गिर चुका है, जो तिमाही प्रदर्शन और बाजार की उम्मीदों के बीच संभावित अंतर को दर्शाता है।
