रेनेवाल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Sterling and Wilson Renewable Energy ने राजस्थान और साउथ अफ्रीका से **₹985 करोड़** से ज्यादा के नए सोलर और बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं।
प्रोजेक्ट्स की डिटेल
कंपनी ने अपनी ऑर्डर पाइपलाइन को मजबूत करते हुए राजस्थान में 534.3 MWp का सोलर इंस्टालेशन और साउथ अफ्रीका में 616 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट हासिल किया है। ये सभी प्रोजेक्ट्स टर्नकी 'इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन' (EPC) आधार पर पूरे किए जाएंगे, यानी डिजाइन से लेकर फाइनल हैंडओवर तक की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
राजस्थान वाले ऑर्डर में कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट जैसे स्ट्रक्चर और केबलिंग का काम संभालेगी, जबकि साउथ अफ्रीका का प्रोजेक्ट कंपनी के लिए 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज' सेगमेंट में एक बड़ी एंट्री है, जो सोलर पावर के साथ आने वाली स्टोरेज की समस्याओं का समाधान करेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही इन ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़ी है, लेकिन EPC सेक्टर में हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन पर दबाव रहता है। स्टील और कॉपर जैसी रॉ मैटेरियल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे मुनाफे को प्रभावित कर सकता है, खासकर फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स में।
इसके अलावा, प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी और कैश फ्लो सबसे महत्वपूर्ण होगा। साउथ अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां या जमीन से जुड़े विवाद प्रोजेक्ट टाइमलाइन को बिगाड़ सकते हैं। साथ ही, बढ़ती ब्याज दरों का असर कंपनी की वर्किंग कैपिटल पर पड़ सकता है। आगामी तिमाही नतीजों में मार्जिन और प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी होगा।
