Solex Energy ने अपने विस्तार का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी FY27 से FY30 के बीच ₹4,000 करोड़ का बड़ा निवेश करेगी और FY28 तक ₹4,500 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है।
बड़ा एक्सपेंशन और भविष्य की तैयारी
कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक आक्रामक योजना पेश की है। इसका मुख्य फोकस सोलर सेल और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने पर है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक शिफ्ट है, जिससे वह भविष्य में एक इंटीग्रेटेड एनर्जी प्लेयर के रूप में खुद को स्थापित कर सके।
फाइनेंशियल्स पर एक नजर
कंपनी के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में Solex Energy का रेवेन्यू ₹1,620 करोड़, EBITDA ₹186.7 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹98.3 करोड़ रहा था। ऐसे में ₹4,000 करोड़ का निवेश कंपनी की मौजूदा साइज के मुकाबले काफी बड़ा है। निवेशकों को इस बात पर गौर करना होगा कि कंपनी इस फंड को कैसे जुटाती है और इससे उसके कर्ज (Debt) और कैश फ्लो पर क्या असर पड़ता है।
प्रोडक्शन का महत्वाकांक्षी प्लान
रोडमैप के अनुसार, कंपनी FY28 तक 2.2 GW की सोलर सेल कैपेसिटी बनाना चाहती है, जिसे FY29 की पहली छमाही तक बढ़ाकर 5.2 GW करने का लक्ष्य है। साथ ही, 10 GWh की बैटरी स्टोरेज कैपेसिटी का भी प्लान है।
निवेश का रिस्क और ग्लोबल एम्बिशन
कंपनी का मैनेजमेंट अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भी अपना विस्तार करना चाहता है। हालांकि, यह कदम नए रेवेन्यू के रास्ते तो खोल सकता है, लेकिन इसमें लॉजिस्टिक्स और इंटरनेशनल रेगुलेटरी रिस्क भी शामिल हैं। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी समय पर प्रोजेक्ट्स पूरे कर पाती है और फंडिंग के लिए इक्विटी डाइल्यूशन या कर्ज में से क्या चुनती है।
