Shell अपने पोर्टफोलियो को रीस्ट्रक्चर कर रही है और इसी कड़ी में अपनी भारतीय ग्रीन एनर्जी यूनिट, Sprng Energy, को बेच रही है। कंपनी अब लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और अपस्ट्रीम ऑयल व गैस ऑपरेशन्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। भारत के बढ़ते ग्रीन एनर्जी मार्केट में Sprng Energy की बिक्री को लेकर तगड़ी बिडिंग वॉर छिड़ गई है।
NIIF (National Investment and Infrastructure Fund) और सिंगापुर की Temasek का संयुक्त ऑफर इस प्लेटफॉर्म के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इस डील का वैल्यूएशन $1.6 बिलियन (लगभग ₹13,000 करोड़) से ऊपर जा चुका है, जो Shell द्वारा 2022 में Actis से इसे $1.55 बिलियन (लगभग ₹12,800 करोड़) में खरीदने से भी ज्यादा है।
खरीदारों से फाइनल बिड्स इसी हफ्ते आने की उम्मीद है, जिससे यह रेस और भी कॉम्पिटिटिव हो गई है। NIIF-Temasek गठबंधन के अलावा, KKR, Actis, और आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) जैसे बड़े नाम भी इस सौदे में शामिल हैं। Barclays इस बिक्री प्रक्रिया में सलाहकार की भूमिका निभा रहा है।
Sprng Energy, जो पुणे में स्थित है, सोलर, विंड और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स का संचालन करती है। इसके पास 5,026.53 MWp के कॉन्ट्रैक्ट और 2,300.48 MWp क्षमता पहले से ही ऑपरेशनल है। यह एक आकर्षक एसेट है, जिस पर कई बड़े निवेशक दांव लगा रहे हैं। भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल एनर्जी हासिल करना है, और सरकारी नीतियां इस सेक्टर को काफी बढ़ावा दे रही हैं।
हालांकि, $1.6 बिलियन से ऊपर की यह कीमत कुछ चिंताएं भी पैदा करती है। यह Shell के पिछले खरीद मूल्य की तुलना में प्रीमियम पर है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या खरीदार ज्यादा कीमत चुका रहे हैं। Shell का यह फैसला मुख्य रूप से कंपनी की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है, न कि Sprng Energy के कम वैल्यूएशन को। उच्च प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं।
यह डील जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है, जिसमें NIIF-Temasek ग्रुप को मजबूत स्थिति में देखा जा रहा है। Shell के लिए, Sprng Energy की बिक्री से फंड्स फ्री होंगे और वह अपने मुख्य LNG और अपस्ट्रीम बिजनेस पर ध्यान केंद्रित कर पाएगी। वहीं, खरीदार को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में एक बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी ऑपरेशन मिलेगा।
