Serentica Renewables: KKR की कंपनी को मिला ₹9,800 करोड़ का बड़ा फंड, जानें क्या है प्लान

RENEWABLES
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Serentica Renewables: KKR की कंपनी को मिला ₹9,800 करोड़ का बड़ा फंड, जानें क्या है प्लान

KKR समर्थित Serentica Renewables ने **$1.19 बिलियन** (लगभग ₹9,800 करोड़) का भारी-भरकम डेट फाइनेंसिंग जुटा लिया है। यह पैसा कर्नाटक में सौर-पवन हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के विस्तार और पुराने कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल होगा। इस फंडिंग में एशियाई विकास बैंक (ADB) और MUFG जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं शामिल हैं।

Detailed Coverage

KKR समर्थित Serentica Renewables ने कैसे जुटाई भारी रकम?

ग्रीन एनर्जी कंपनी Serentica Renewables, जिसे ग्लोबल फर्म KKR का समर्थन हासिल है, ने अपने ऑपरेशन्स और ग्रोथ प्लान को मजबूत करने के लिए $1.19 बिलियन (करीब ₹9,800 करोड़) की फाइनेंसिंग व्यवस्था पूरी कर ली है। यह फंड तीन हिस्सों में बंटा है और इसका मकसद कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार करना और मौजूदा डेट देनदारियों को संभालना है।

फंड का पूरा हिसाब-किताब

इस फाइनेंसिंग पैकेज में $345 मिलियन (लगभग ₹2,850 करोड़) का मल्टी-लेंडर लोन शामिल है, जिसका नेतृत्व एशियाई विकास बैंक (ADB) ने किया है। इसमें न्यू डेवलपमेंट बैंक, इंडिया एक्ज़िम बैंक और सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्प (MUFG) भी शामिल हैं। यह फंड मुख्य रूप से कर्नाटक के कोप्पल में स्थित बड़े सौर-पवन हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट के लिए है।

इसके अलावा, कंपनी ने $450 मिलियन (लगभग ₹3,720 करोड़) की एक रीफाइनेंसिंग फैसिलिटी भी हासिल की है, जिसे सोसाइटी जेनरल और क्लिफर्ड कैपिटल मैनेज करेंगे। तीसरे हिस्से में MUFG द्वारा अंडरराइट किया गया $397 मिलियन (लगभग ₹3,280 करोड़) का ग्रीन टर्म लोन है, जिसे अब अन्य लेंडर्स को सिंडिकेट किया जा रहा है। इस फंड का इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट्स के विकास और पुराने कर्ज को चुकाकर बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

कंपनी के लक्ष्य और बाजार का माहौल

Serentica Renewables अपनी क्षमता तेजी से बढ़ा रही है। वर्तमान में कंपनी के पास 8,700 MW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी कॉन्ट्रैक्ट पर है, जिसमें से 3,200 MW से ज्यादा पर पहले से ही काम चल रहा है। कंपनी का लक्ष्य सालाना 50 बिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा सप्लाई करना है, जिससे करीब 47 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है। इस मल्टी-ट्रेंच फंडिंग से कंपनी प्रोजेक्ट में देरी के वित्तीय जोखिम को कम करना चाहती है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि निर्माण समय-सीमा पर बना रहे।

भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर ग्लोबल निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है, लेकिन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के सफल क्रियान्वयन और बदलती ब्याज दरों के बीच कर्ज के स्तर को संभालने की क्षमता ही सफलता की कुंजी है।

निवेशकों के लिए आगे क्या देखना है?

यह फाइनेंसिंग विस्तार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। निवेशकों को कर्नाटक में कोप्पल प्रोजेक्ट की प्रगति पर नज़र रखनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि काम अनुमानित लागत और समय के भीतर पूरा हो रहा है या नहीं। रिन्यूएबल एनर्जी जैसे पूंजी-गहन व्यवसाय में, सौर मॉड्यूल और पवन टरबाइन के कच्चे माल की लागत में बदलाव के बीच कंपनी की स्वस्थ लाभ मार्जिन बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण पहलू है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी एक और स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के माध्यम से अतिरिक्त $250 मिलियन (लगभग ₹2,060 करोड़) जुटाने पर भी विचार कर सकती है, जिससे कंपनी का कुल कर्ज और बढ़ जाएगा। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए इन फंडों की सफल तैनाती और परिचालन क्षमता की शुरुआत सबसे महत्वपूर्ण मेट्रिक्स होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.