ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले Renewable Energy India Expo 2026 का लक्ष्य बायोएनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए **₹2,800 करोड़** का निवेश जुटाना है। यह पहल **₹23,731 करोड़** वाली GOBARdhan स्कीम के तहत की जा रही है, जो कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्राइस गारंटी प्रदान करती है।
इवेंट और निवेश का लक्ष्य
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 22 से 24 अक्टूबर के बीच होने वाला यह एक्सपो इंडियन बायोगैस एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस इवेंट का मुख्य उद्देश्य नई टेक्नोलॉजी को सामने लाना और बायोएनर्जी सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित करना है। पिछले साल के मुकाबले इस बार एक्सपो का फ्लोर एरिया 35% तक बढ़ाया गया है और इसमें 70,000 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
GOBARdhan स्कीम का दम
इस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी की सबसे बड़ी वजह 1 सितंबर 2026 को लॉन्च हुई GOBARdhan नेशनल सर्कुलर बायोएनर्जी स्कीम है। सरकार ने इसके लिए ₹23,731 करोड़ का बजट आवंटित किया है। खास बात यह है कि सरकार ने ₹2,110 प्रति MMBtu का फिक्स्ड प्राइस तय किया है, जिससे डेवलपर्स को रेवेन्यू की स्पष्टता मिलेगी। इसके अलावा, नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के लिए ₹2 करोड़ प्रति टन प्रति दिन तक की कैपिटल असिस्टेंस भी दी जा रही है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और रिस्क
सरकारी प्रोत्साहन अपनी जगह हैं, लेकिन निवेशकों को कुछ व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:
- फीडस्टॉक सप्लाई: बायोगैस प्लांट्स पूरी तरह से खेती के कचरे या खाद पर निर्भर हैं। इसे इकट्ठा करना और ट्रांसपोर्ट करना एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती है, जिससे लागत बढ़ सकती है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: प्रोजेक्ट की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि प्रोडक्शन प्लांट्स को गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से कितनी कुशलता से जोड़ा जाता है।
- एक्जीक्यूशन रिस्क: इतने बड़े पैमाने पर प्लांट्स चलाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और को-डाइजेशन टेक्नोलॉजी का सटीक इस्तेमाल जरूरी है।
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि GOBARdhan स्कीम के तहत प्रोजेक्ट्स को मंजूरी कितनी तेजी से मिलती है और गैस पाइपलाइन का विस्तार कब तक पूरा होता है।
