Premier Energies ने आंध्र प्रदेश के नायदुपेटा में **₹3,293 करोड़** की लागत से **7 GW** का सोलर सेल प्लांट शुरू कर दिया है। इस विस्तार के बाद कंपनी की कुल कैपेसिटी बढ़कर **10.6 GW** हो गई है। यह कंपनी की कुल **₹12,500 करोड़** की तीन साल की एक्सपेंशन योजना का हिस्सा है।
हाई-टेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
यह नई फैसिलिटी N-type TOPCon टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो आज के समय में हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल बनाने के लिए सबसे आधुनिक मानी जाती है। कंपनी का लक्ष्य ऑपरेशन स्थिर होने के बाद करीब 25.8% की सेल एफिशिएंसी हासिल करना है। प्लांट में ऑटोमेशन और AI-संचालित प्रोसेस कंट्रोल का इस्तेमाल किया गया है ताकि क्वालिटी में कोई कमी न रहे।
बैकवर्ड इंटीग्रेशन की रणनीति
यह प्लांट कंपनी के ₹12,500 करोड़ के तीन साल के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान का हिस्सा है। कंपनी अब केवल मॉड्यूल तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इगॉट्स (Ingots) और वेफर्स (Wafers) के मामले में भी बैकवर्ड इंटीग्रेशन कर रही है। इसके अलावा, कंपनी इनवर्टर, ट्रांसफॉर्मर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के सेगमेंट में उतरकर अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि यह नई 7 GW की कैपेसिटी कितनी जल्दी पूरी तरह से काम करना शुरू करती है। हालांकि सोलर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पूरी तरह से डिमांड और प्राइसिंग पर निर्भर करेगी। साथ ही, कंपनी का कर्ज (Debt) और फंडिंग मिक्स पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा ताकि यह पता चल सके कि कंपनी मार्जिन बनाए रखने में कितनी सफल होती है।
