Premier Energies: सोलर और बैटरी स्टोरेज में बड़े दांव की तैयारी, जुटाएगी ₹5,000 करोड़ की पूंजी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Premier Energies: सोलर और बैटरी स्टोरेज में बड़े दांव की तैयारी, जुटाएगी ₹5,000 करोड़ की पूंजी

Premier Energies अपने सोलर, बैटरी स्टोरेज और ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग को विस्तार देने के लिए ₹5,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी इस प्रस्ताव पर 21 सितंबर को शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।

बड़े विस्तार की तैयारी

कंपनी ने अपने मैन्युफैक्चरिंग दायरों को बढ़ाने के लिए कमर कस ली है। 21 सितंबर, 2026 को होने वाली अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी ₹5,000 करोड़ तक की फंडरेजिंग के लिए शेयरहोल्डर्स से वोट मांगेगी। इसे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन्स प्लेसमेंट (QIP) या इसी तरह के किसी रास्ते से जुटाया जा सकता है।

सोलर से आगे की रणनीति

कंपनी अब सिर्फ सोलर मॉड्यूल असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहती। स्ट्रैटेजी के तहत कंपनी अब इंगोट (Ingot) और वेफर (Wafer) मैन्युफैक्चरिंग में भी उतर रही है ताकि इंपोर्टेड रॉ मटेरियल पर निर्भरता कम हो सके। इसके अलावा, कंपनी तेलंगाना में RCT India के साथ मिलकर 12 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्लांट लगाने की तैयारी में है। FY28 तक ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता को 16.25 GVA तक ले जाने का लक्ष्य है, ताकि ग्लोबल मार्केट की मांग पूरी की जा सके।

मजबूत फाइनेंशियल और ऑर्डर बुक

वित्तीय मोर्चे पर कंपनी काफी मजबूत दिख रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 35% बढ़ा है, जबकि प्रॉफिट में 53% का भारी उछाल देखा गया है। लगभग ₹15,000 करोड़ की ऑर्डर बुक के दम पर रेवेन्यू की स्थिति स्पष्ट है, जिसके चलते अगस्त 2026 में CRISIL ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'A+/Positive' कर दिया है।

निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)

इतने बड़े पैमाने पर फंडरेजिंग से इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम बना हुआ है, जो मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता की बात हो सकती है। सोलर मैन्युफैक्चरिंग एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस है, इसलिए नायडुपेटा स्थित 7 GW सोलर सेल यूनिट और BESS प्लांट में निवेश से शॉर्ट टर्म में कैश फ्लो पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही, ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी का शेयर फिलहाल अपने 52-वीक हाई से करीब 21% नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशक अब कंपनी के एग्जीक्यूशन और मुनाफे को लेकर सतर्क हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.