रिन्यूएबल एनर्जी में Premier Energies का बड़ा दांव: नई JV का गठन
Premier Energies Limited ने रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) सेक्टर में अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम उठाया है। कंपनी ने BA Prerna Renewables Private Limited के साथ मिलकर HeliosAnthos Energies Private Limited नाम से एक नई ज्वॉइंट वेंचर (Joint Venture) स्थापित की है। इस नई इकाई में Premier Energies की 51% हिस्सेदारी (stake) होगी और कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल (management control) भी रहेगा।
यह ज्वॉइंट वेंचर भारत भर में सोलर (solar), विंड (wind), बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स (hybrid projects) के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) का काम संभालेगी। इस वेंचर के लिए शुरुआती पेड-अप कैपिटल (paid-up capital) ₹10,00,000/- रखा गया है, जिसमें Premier Energies ₹10,45,500/- में 51% इक्विटी (equity) सब्सक्राइब करेगी।
अधिग्रहणों में हुई देरी, नई डेडलाइन 2026
वहीं, दूसरी ओर Premier Energies ने अपने पहले के कुछ बड़े अधिग्रहणों (acquisitions) को लेकर अपनी योजनाओं में बदलाव किया है। Ksolare Energy Private Limited में 51% हिस्सेदारी खरीदने की लॉन्ग-स्टॉप डेट (long-stop date) को आपसी सहमति से आगे बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही Transcon Ind Limited में बाकी बची हिस्सेदारी (balance tranche) के अधिग्रहण को भी टाल दिया गया है।
दोनों ही सौदों के लिए नई समय सीमा 15 अप्रैल, 2026 तय की गई है। ऐसा माना जा रहा है कि इन अधिग्रहणों को पूरा करने से पहले कुछ जरूरी कंडीशन प्रेसिडेंट (conditions precedent) को पूरा किया जाना बाकी है। इस कदम से यह साफ है कि कंपनी अपनी नई ज्वॉइंट वेंचर के जरिए ऑर्गेनिक ग्रोथ (organic growth) पर ज्यादा फोकस कर रही है, जबकि मर्जर और अधिग्रहण (M&A) की प्रक्रियाओं को सावधानी से आगे बढ़ा रही है। रिन्यूएबल एनर्जी में EPC पर कंपनी का ध्यान राष्ट्रीय ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों के अनुरूप है।