प्रधानमंत्री सूर्य घर (PM Surya Ghar) योजना ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। देश भर में **50 लाख** से ज़्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इस योजना के तहत **₹28,024 करोड़** की सब्सिडी बांटी गई है, जिससे **19 लाख** से ज़्यादा परिवारों का बिजली बिल अब शून्य हो गया है।
50 लाख घरों में सोलर का सपना साकार!
केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' ने कमाल कर दिया है। लॉन्च के सिर्फ दो साल के अंदर ही देश भर में 50 लाख से ज़्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं। इससे पता चलता है कि भारत तेजी से सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। अब तक 14.8 गीगावाट की क्षमता वाले सोलर सिस्टम चालू हो चुके हैं और हर छह दिन में करीब 1,00,000 नए इंस्टॉलेशन हो रहे हैं।
घर बैठे कमाई और बचत
इस योजना की कामयाबी का एक बड़ा कारण सीधा सब्सिडी ट्रांसफर है। सरकार ने ₹28,024 करोड़ की सब्सिडी बांटी है, जिसकी मदद से करीब 19 लाख घरों का बिजली का बिल अब जीरो हो गया है। सिर्फ बचत ही नहीं, ये परिवार ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर 421 करोड़ रुपये कमा भी चुके हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर में, इन घरों की सालाना कमाई लगभग ₹3,500 प्रति परिवार रही है।
सोलर इकोसिस्टम को मिली रफ्तार
इस बड़े पैमाने पर काम को संभालने के लिए सरकार ने 29,469 सोलर वेंडर्स का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। साथ ही, 2,32,000 से ज़्यादा लोगों को सोलर सिस्टम लगाने और उनकी देखरेख करने की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि भविष्य में भी यह काम सुचारू रूप से चलता रहे। फाइनेंसिंग के लिए 17.5 लाख से ज़्यादा लोगों ने 5.75% की कम ब्याज दर पर लोन लिया है।
आगे क्या?
हालांकि, इस योजना की लंबी अवधि की सफलता ग्रिड की स्थिरता और बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की आर्थिक हालत पर निर्भर करेगी। सरकारी इमारतों में भी सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है, जहाँ 1,06,000 से ज़्यादा इमारतों में यह लग चुके हैं। सरकार 12 और राज्यों में 'यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन' मॉडल का विस्तार करने की योजना बना रही है, ताकि यह योजना और ज़्यादा निम्न-आय वर्ग के लोगों तक पहुंच सके। इन सोलर सिस्टम की क्वालिटी और इनकी असल लाइफ का लगातार मूल्यांकन इस योजना की आर्थिक मजबूती को समझने के लिए अहम होगा।
