प्राइवेट पावर प्रोड्यूसर Oyster Renewable Energy ने साल 2029-30 तक **3.5 GW** की हाइब्रिड रिन्यूएबल कैपेसिटी विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी **₹30,000 करोड़** का भारी-भरकम निवेश करेगी।
बड़े प्रोजेक्ट्स की तैयारी
Oyster Renewable Energy ने अपनी रिन्यूएबल क्षमता को 3.5 GW तक ले जाने का ऐलान किया है। कंपनी का मुख्य फोकस सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा को बैटरी स्टोरेज के साथ जोड़कर इंडस्ट्री को राउंड-द-क्लॉक बिजली सप्लाई करना है। कंपनी स्टील, सीमेंट और फार्मा जैसे बड़े औद्योगिक सेक्टरों को अपना लक्ष्य बना रही है, ताकि मैन्युफैक्चरिंग के दौरान कार्बन फुटप्रिंट को कम किया जा सके। अभी इनके साथ Jindal Stainless और Dalmia Cement जैसी बड़ी फर्में जुड़ी हैं।
कैसे जुटाई जाएगी रकम?
यह कंपनी अभी प्राइवेट है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। अपने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने Indian Renewable Energy Development Agency और Union Bank of India से वित्तीय सहायता का इंतजाम किया है। कंपनी का अगला बड़ा कदम 1 GWh का स्टोरेज फुटप्रिंट तैयार करना है, जिसके तहत महाराष्ट्र में 1.2 GW का एक बड़ा प्रोजेक्ट साल 2027 की शुरुआत में शुरू होने वाला है।
निवेशकों के लिए बड़ी सीख
भले ही यह स्टॉक अभी एक्सचेंज पर नहीं है, लेकिन इसका विस्तार यह दिखाता है कि कैसे बड़ी कंपनियां ग्रिड पर निर्भरता कम कर रही हैं। इस सेक्टर में निवेश करते समय प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने और हाई डेट (Debt) मैनेजमेंट को मॉनिटर करना बेहद जरूरी होगा। ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी और ब्याज दरों में बदलाव इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए रिस्क का बड़ा कारण बन सकते हैं।
