Orient Green Power Company Limited (OGPL) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों (Q3 और 9M FY26) के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के नतीजों में मुनाफे (Profitability) के मोर्चे पर साल-दर-साल (YoY) शानदार सुधार देखने को मिला है।
तिमाही और नौ महीनों के नतीजे:
- Q3 FY26 परफॉरमेंस: इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड PAT (Profit After Tax) सुधरकर ₹2,143 लाख हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹2,241 लाख के घाटे (Loss) में था। हालांकि, कुल आय (Total Income) में 0.8% की मामूली गिरावट आई और यह ₹4,006 लाख रही, जबकि पिछले साल यह ₹4,040 लाख थी। तिमाही के लिए EBITDA ₹1,707 लाख रहा, और EBITDA मार्जिन 43% पर स्थिर बने रहे।
- 9M FY26 परफॉरमेंस: नौ महीनों की अवधि में प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 16.3% बढ़कर ₹26,895 लाख हो गया। PBT (Profit Before Tax) में 88% का भारी उछाल आया और यह ₹8,840 लाख पर पहुंच गया। कंसोलिडेटेड PAT में 54.3% की YoY वृद्धि के साथ यह ₹8,813 लाख रहा। EBITDA 13.7% बढ़कर ₹18,730 लाख हो गया, हालांकि EBITDA मार्जिन पिछले साल के 71% से घटकर 70% हो गया।
- असाधारण मदें (Exceptional Items): कंपनी ने 9M FY26 में ₹991 लाख की महत्वपूर्ण असाधारण मदों की रिपोर्ट की है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह सिर्फ ₹69 लाख थी। इससे नतीजों की गुणवत्ता पर थोड़ा असर पड़ा है।
कंपनी का आगे का प्लान और आउटलुक:
मैनेजमेंट का कहना है कि साल-दर-साल (Year-to-date) अनुकूल हवा की स्थिति के कारण लगातार उत्पादन हो रहा है। OGPL अपनी क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) और रिपॉवरिंग (Repowering) पहलों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही है।
- नई क्षमताएं: तिमाही के दौरान 7 MW का एक सोलर पावर प्रोजेक्ट चालू किया गया। इसके अलावा, नए सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स के लिए EPC कॉन्ट्रैक्ट्स के माध्यम से ग्रीनफील्ड क्षमता विकसित की जा रही है। इसमें 18 MW का एक सोलर प्रोजेक्ट (जो मई 2026 तक चालू होने की उम्मीद है) और 10 MW का एक विंड प्रोजेक्ट (अप्रैल 2026 तक चालू होने की उम्मीद) शामिल हैं।
- विंड क्षमता का रिपॉवरिंग: तमिलनाडु में लगभग 6 MW की मौजूदा विंड क्षमता को रिपॉवर करने का एक कॉन्ट्रैक्ट भी चल रहा है, जिसके जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
- EBITDA में योगदान: इन नई परियोजनाओं से सालाना लगभग ₹3,600 लाख का EBITDA योगदान मिलने की उम्मीद है।
- राइट्स इश्यू फंड का उपयोग: कंपनी ने पुष्टि की है कि उसके ₹250 करोड़ के राइट्स इश्यू फंड का उपयोग सहायक कंपनियों में निवेश, लोन चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया गया है। यह कंपनी के रणनीतिक वित्तीय प्रबंधन और विकास के लिए फंड के कुशल उपयोग को दर्शाता है।
आगे का रास्ता:
हालांकि कंपनी नई क्षमताओं से महत्वपूर्ण EBITDA योगदान की उम्मीद कर रही है, निवेशक इन परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन (Execution) और किसी भी आगे की असाधारण मदों के प्रभाव पर बारीकी से नजर रखेंगे। Q3 में रेवेन्यू में आई मामूली गिरावट पर भी ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन 9M के मजबूत प्रदर्शन और विस्तार की योजनाओं को देखते हुए outlook सकारात्मक बना हुआ है।
