सूरत की कंपनी Navitas Solar ने रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम बनाने के लिए **₹10,000 करोड़** के बड़े निवेश की योजना का ऐलान किया है। कंपनी सोलर मॉड्यूल से लेकर सेल और बैटरी स्टोरेज तक के कारोबार में कदम रखेगी और अगले दो साल में IPO लाने की तैयारी कर रही है।
वैल्यू चेन में बड़ा बदलाव
सूरत की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Navitas Solar अब सिर्फ मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर बनकर नहीं रहना चाहती। कंपनी का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ का निवेश कर गुजरात और महाराष्ट्र में एक इंटीग्रेटेड एनर्जी नेटवर्क खड़ा करना है। फिलहाल कंपनी के पास 3-गीगावाट की सोलर मॉड्यूल फैसिलिटी है, लेकिन अब वह सोलर सेल, इंगॉट और वेफर बनाने की ओर बढ़ रही है। जुलाई 2027 तक 2.4-गीगावाट की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग लाइन शुरू होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी की आयात पर निर्भरता कम हो जाएगी।
पावर और स्टोरेज में एंट्री
कंपनी ने केवल मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि पावर जेनरेशन और स्टोरेज के क्षेत्र में भी अपनी दावेदारी पेश की है। वडोदरा में ₹100 करोड़ के शुरुआती आवंटन के साथ 5-गीगावाट-आवर की बैटरी एनर्जी स्टोरेज फैसिलिटी तैयार की जा रही है। इसके अलावा महाराष्ट्र में दो नए सोलर पार्क भी बनाए जाएंगे।
फाइनेंशियल सेहत और IPO की तैयारी
कंपनी का रेवेन्यू FY26 में ₹1,300 करोड़ रहा था, जबकि FY27 के लिए ₹2,000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रमोटर्स के पास 67% हिस्सेदारी है और कंपनी ने ऑपरेशंस शुरू करने के लिए ₹300 करोड़ की फंडिंग जुटा ली है। इस भारी-भरकम निवेश को पूरा करने के लिए कंपनी अगले दो सालों में IPO लाने की योजना पर काम कर रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि यह प्लान काफी महत्वाकांक्षी है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एग्जीक्यूशन रिस्क और टेक्नोलॉजी की जटिलता एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों को कंपनी की सेल मैन्युफैक्चरिंग लाइन की प्रोग्रेस, बैटरी स्टोरेज फैसिलिटी के काम और IPO से जुड़ी हर अपडेट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
