NTPC Green Energy Share: निवेशकों की मौज! प्रॉफिट गिरा, फिर भी शेयर रॉकेट की तरह भागा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
NTPC Green Energy Share: निवेशकों की मौज! प्रॉफिट गिरा, फिर भी शेयर रॉकेट की तरह भागा
Overview

भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर (Renewable Energy Sector) में छाई उम्मीदों और सरकारी सपोर्ट के चलते NTPC Green Energy का शेयर रॉकेट की तरह चढ़ गया है। निवेशकों ने कंपनी के तिमाही नतीजों में आई बड़ी गिरावट को नज़रअंदाज़ कर दिया है, जिससे शेयर वापस अपने आईपीओ (IPO) प्राइस की ओर बढ़ता दिख रहा है।

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सेक्टर की उम्मीदों पर शेयर में रिकवरी

NTPC Green Energy के शेयर अपने आईपीओ (IPO) प्राइस के करीब वापस आ गए हैं। इसकी मुख्य वजह भारत के तेज़ी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर निवेशकों का मज़बूत भरोसा है। ये तेज़ी कंपनी के मुनाफे में आई बड़ी गिरावट के बावजूद जारी है, क्योंकि बाज़ार लंबी अवधि की ग्रोथ प्लानिंग और क्लीन एनर्जी को सरकारी समर्थन पर ज़्यादा ध्यान दे रहा है। बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चे मौजूदा नतीजों पर दबाव डाल रहे हैं, लेकिन मार्केट सेंटीमेंट भविष्य की ग्रोथ की ओर इशारा कर रहा है।

हालिया स्टॉक प्रदर्शन

कंपनी के शेयर में ज़बरदस्त उछाल देखा गया है, जो चार ट्रेडिंग सेशन से लगातार अपने आईपीओ प्राइस के आसपास कारोबार कर रहे हैं। 16 अप्रैल 2026 तक, शेयर में करीब 1.7% की बढ़त के साथ ₹109.10 पर कारोबार हुआ, जिसमें इंट्राडे में 1.3 करोड़ से ज़्यादा शेयर ट्रेड हुए। यह शेयर अपने 52-हफ्ते के लो ₹84 (2 मार्च 2026) से करीब 33% रिकवर कर चुका है। इसने ₹112.13 का इंट्राडे हाई और ₹117.64 का 52-हफ्ते का हाई छुआ है। यह ऊपरी चाल साफ दिखाती है कि मार्केट की भावना (sentiment) तात्कालिक वित्तीय प्रदर्शन के बजाय भविष्य की सेक्टर ग्रोथ से प्रेरित है।

सेक्टर की ग्रोथ और सरकारी मदद

भारत का पावर सेक्टर ज़बरदस्त मांग का गवाह बन रहा है, अगले दशक में बिजली की खपत में सालाना करीब 6% की बढ़ोतरी का अनुमान है। यह ग्रोथ तेज़ी से रिन्यूएबल सोर्स (Renewable Sources) से आ रही है, जो सरकार के 2030 तक लगभग 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी (Non-Fossil Fuel Capacity) तक पहुंचने के लक्ष्य के अनुरूप है। इसके लिए हर साल करीब 50 GW क्षमता जोड़ने की ज़रूरत है, जिसमें सोलर एनर्जी अपनी कम लागत के कारण सबसे आगे है। जुलाई 2025 तक, भारत पहले ही नॉन-फॉसिल फ्यूल सोर्स से अपनी बिजली क्षमता का लगभग 50% हासिल कर चुका था, जो कि उम्मीद से पहले था। इस सेक्टर ने अप्रैल 2020 से जून 2025 के बीच कुल $23 अरब का भारी विदेशी निवेश आकर्षित किया है। रिन्यूएबल्स अब थर्मल विकल्पों की तुलना में 30-50% सस्ते माने जा रहे हैं, जो इनके इस्तेमाल को और बढ़ावा दे रहा है।

वैल्यूएशन बनाम मुनाफा

NTPC Green Energy फिलहाल ऊंचे प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जिसका ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ (TTM) आंकड़ा लगभग 142.90 से 170.84 के बीच है। यह वैल्यूएशन कंपनी के कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) यानी करीब 3.95% (TTM बेसिस पर) और पिछले तीन सालों में करीब 4.72% के ऐतिहासिक निचले स्तरों से काफी अलग है। Q3 FY26 के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल करीब 18-29% बढ़कर ₹684.22 करोड़ हो गया। हालांकि, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 74% घटकर ₹17.32 करोड़ रह गया। मुनाफे में यह गिरावट बढ़ती लागतों, खासकर इंटरेस्ट कॉस्ट और डेप्रिसिएशन में ज़बरदस्त बढ़ोतरी के कारण हुई।

प्रतियोगियों का हाल

NTPC Green Energy एक कॉम्पिटिटिव (competitive) रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में काम कर रही है, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹90,398 करोड़ है। Adani Green Energy का मार्केट कैप ₹180,538 करोड़ है और इसका P/E रेश्यो लगभग 267.93 है। अन्य पब्लिक सेक्टर कंपनियों में SJVN Ltd का मार्केट कैप करीब ₹29,575 करोड़ और P/E 32.44 है, और NHPC Ltd का मार्केट कैप करीब ₹80,942 करोड़ और P/E 25.42 है। पैरेंट कंपनी NTPC Ltd का मार्केट कैप काफी बड़ा, ₹3.8 लाख करोड़, और P/E 15.75 है।

जोखिम: महंगा वैल्यूएशन और गिरता मुनाफा

मौजूदा मार्केट उत्साह के बावजूद, NTPC Green Energy के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। Q3 FY26 के लिए कंपनी के पैट (PAT) में साल-दर-साल 74% की भारी गिरावट देखी गई, जो ₹17.32 करोड़ रह गया। यह गिरावट मुख्य रूप से ऑपरेटिंग लागतों में वृद्धि के कारण है, जिसमें इंटरेस्ट एक्सपेंस बढ़कर ₹206.93 करोड़ और डेप्रिसिएशन चार्ज ₹261.35 करोड़ (Q3 FY26 में) हो गए। इन बढ़ती लागतों ने रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद मुनाफे को चोट पहुंचाई है। कंपनी का करीब 143-171 का ऊंचा P/E रेश्यो, लगभग 4% के कम ROE के साथ मिलकर, वर्तमान कमाई या दक्षता से समर्थित न होने वाले ऊंचे वैल्यूएशन का संकेत देता है। एनालिस्ट प्राइस टारगेट में ₹104.57 से लेकर ₹163.05 तक की एक विस्तृत रेंज दिखाई गई है, जो भविष्य के वैल्यूएशन पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं होने का संकेत देती है। अप्रैल 2025 में स्टॉक के प्रदर्शन ने भी बड़े उतार-चढ़ाव दिखाए, ₹155 से गिरकर ₹84 तक आ गया, जो कि तेज प्राइस रिवर्सल के जोखिमों को उजागर करता है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स (contracts) पर निर्भरता भी एक जोखिम है, क्योंकि नीतियों में बदलाव भविष्य के रेवेन्यू को प्रभावित कर सकता है।

एनालिस्ट की राय और भविष्य का अनुमान

एनालिस्ट आम तौर पर सकारात्मक हैं, जिनमें से अधिकांश स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। Centrum Broking ने ₹126 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। अन्य एनालिस्टों ने 12 महीने के औसत प्राइस टारगेट ₹104.57 से ₹107.51 के बीच रखे हैं। कुछ टारगेट ₹163.05 तक जाते हैं, लेकिन मौजूदा फंडामेंटल्स को देखते हुए ये आशावादी लगते हैं। कंपनी भारत में बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, जिसे सरकारी लक्ष्यों और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग का समर्थन प्राप्त है।

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