प्रोजेक्ट चालू होने से शेयर को बूस्ट, पर वैल्यूएशन की चिंता?
NTPC Green Energy के 270 MW Khavda-II सोलर PV प्रोजेक्ट के कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की खबर से कंपनी के शेयर में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। इस प्रोजेक्ट के लाइव होने से रिन्यूएबल क्षमता बढ़ी है और शेयर में उछाल आया है, जबकि बाज़ार का एक बड़ा हिस्सा दबाव में था। यह अच्छी खबर तब आई है जब स्टॉक अपने IPO प्राइस से नीचे बना हुआ है और इसकी वैल्यूएशन इंडस्ट्री के साथियों की तुलना में काफी ज़्यादा लग रही है।
प्रोजेक्ट चालू, शेयर में तेज़ उछाल
शुक्रवार, 13 मार्च, 2026 को NTPC Green Energy के शेयरों में तेज़ उछाल देखा गया, जो इंट्राडे में 7.25% बढ़कर ₹104.73 तक पहुँच गया। 10 मार्च से अब तक यह लगभग 21% की बढ़त है। यह तेज़ी गुजरात में 270 MW Khavda-II सोलर PV प्रोजेक्ट के 11 मार्च को कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने की खबर से आई। इस नए प्रोजेक्ट के साथ NTPC Green Energy ग्रुप की कुल इंस्टॉल्ड क्षमता बढ़कर 9,562.68 MW हो गई है। NSE पर दोपहर तक 125 million से ज़्यादा शेयरों का ट्रेड हुआ, लेकिन दोपहर 12:50 तक शेयर 2.16% चढ़कर ₹99.76 पर कारोबार कर रहा था, जबकि Nifty50 इंडेक्स 1.69% नीचे था।
स्टॉक पर वैल्यूएशन का भारी सवाल
इसके बावजूद, NTPC Green Energy का स्टॉक अभी भी 27 नवंबर, 2024 को ₹111.50 के IPO लिस्टिंग प्राइस से नीचे है। सबसे बड़ी चिंता इसकी वैल्यूएशन को लेकर है। मार्च 2026 के मध्य तक, कंपनी का P/E रेश्यो 131.55x से 150x के बीच है। यह इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के औसत 23.3x से 23.9x से कहीं ज़्यादा है। वहीं, इसके मुख्य प्रतिस्पर्धी Tata Power का P/E रेश्यो 28.77x से 31.1x और Adani Green Energy का P/E 82.71x से 99.75x के बीच है। यह हाई वैल्यूएशन यह दर्शाता है कि मार्केट की उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं, जिन्हें कंपनी की मौजूदा कमाई और हालिया लिस्टिंग को देखते हुए पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
एनालिस्ट्स की न्यूट्रल राय, हाई मल्टीपल्स पर सावधानी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता NTPC Green Energy की हाई वैल्यूएशन है, जो इसकी कमाई से मेल नहीं खाती। 130x से ऊपर का P/E रेश्यो साथियों और इंडस्ट्री औसत से बहुत ज़्यादा है, जो ओवरवैल्यूएशन और गलतियों के लिए बहुत कम गुंजाइश का संकेत देता है। एनालिस्ट्स की राय ज़्यादातर न्यूट्रल है, जिनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹101.25 है। इसका मतलब है कि मौजूदा कीमतों से आगे ज़्यादा उछाल की उम्मीद कम है और स्टॉक शायद पहले से ही भविष्य की बड़ी ग्रोथ को दिखा रहा है। प्रोजेक्ट शुरू होने की खबर के बावजूद, कुछ हालिया रेटिंग डाउनग्रेड स्टॉक की चाल के विपरीत हैं, जो लॉन्ग- टर्म प्रॉफिटेबिलिटी या ग्रोथ सस्टेनेबिलिटी को लेकर चिंताओं की ओर इशारा करते हैं। कंपनी का 3.85% रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी इन हाई मल्टीपल्स के औचित्य पर सवाल उठाता है।
सेक्टर की ग्रोथ बनाम कंपनी की वैल्यूएशन चुनौती
NTPC Green Energy का भविष्य भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तेज़ी से जुड़ा है, जिसमें सोलर पावर सबसे आगे है। भारत का नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता बढ़ाने का ज़ोर NTPC जैसी कंपनियों के लिए एक सपोर्टिव माहौल बना रहा है। निवेशकों के लिए मुख्य चुनौती यह देखना होगी कि क्या कंपनी अपनी बढ़ती क्षमता को ऐसे मुनाफे में बदल पाती है जो इसके मौजूदा हाई मार्केट वैल्यूएशन को सही ठहराए। एनालिस्ट्स की कंसेंसस "न्यूट्रल" बनी हुई है, और प्राइस टारगेट बताते हैं कि नज़दीकी से मध्यम अवधि में मौजूदा लेवल उचित मूल्य हो सकते हैं, भले ही हाल में ऑपरेशनल सफलता मिली हो। भविष्य की सफलता मज़बूत एग्जीक्यूशन, नए प्रोजेक्ट्स को प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट करने और इंडस्ट्री की कैपिटल-हैवी प्रकृति को संभालने पर निर्भर करेगी, साथ ही ऐसे शेयरहोल्डर रिटर्न देने पर जो इसके प्रीमियम वैल्यूएशन से मेल खाएं।
