मुनाफे में भारी गिरावट, खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी
NHPC लिमिटेड ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जो उम्मीदों से काफी कमजोर रहे। कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, and Amortisation) पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 79.2% गिरकर ₹210 करोड़ पर आ गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 2.9% घटकर ₹2,220 करोड़ दर्ज किया गया।
मार्जिन 44.4% से 9.5% पर, लागतें बढ़ीं
इस तिमाही में कंपनी के मार्जिन में भारी गिरावट आई है। मार्जिन घटकर महज 9.5% रह गया, जो पिछले साल 44.4% था। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के 'अन्य खर्चे' (Other Expenses) में 3.2 गुना यानी ₹1,537 करोड़ तक की बढ़ोतरी रही। इसमें ट्रांसमिशन सिस्टम के शुरुआती कमीशनिंग के चलते ₹781 करोड़ का एकमुश्त खर्च (One-off Charge) भी शामिल है।
टैक्स का बोझ और नेट प्रॉफिट पर असर
खर्चों में भारी उछाल के साथ-साथ टैक्स का बोझ भी बढ़ा है। कंपनी का कुल टैक्स एक्सपेंस बढ़कर ₹573.2 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹104.3 करोड़ था। इन सब वजहों से, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 5.2% की गिरावट आई और यह ₹219 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, रेगुलेटरी डिफ़र्रल अकाउंट बैलेंस (Regulatory Deferral Account Balance) में होने वाली हलचल से पहले का नुकसान ₹855.5 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹296.4 करोड़ का फायदा था।
एमओयू रद्द, PTC इंडिया से हटने की तैयारी
सिर्फ नतीजों में ही नहीं, कंपनी के ऑपरेशंस में भी कुछ झटके लगे हैं। NHPC ने ओडिशा की GEDCOL के साथ फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए हुए एमओयू (MoU) को रद्द कर दिया है। साथ ही, कंपनी PTC इंडिया लिमिटेड में अपनी प्रमोटर की भूमिका से हटने की तैयारी में है। कंपनी को पार्वती II प्रोजेक्ट (Parbati II Project) में प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों (PAF) की 59% की समस्या और तीस्ता V प्रोजेक्ट (Teesta V Project) में चल रही मरम्मत जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन सबके बावजूद, NHPC का स्टैंडअलोन पावर जनरेशन 31% बढ़कर 3.5 बिलियन यूनिट तक पहुंच गया।
