Waaree Energies Share Price: Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹3,825 का टारगेट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Waaree Energies Share Price: Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹3,825 का टारगेट

Motilal Oswal Financial Services ने Waaree Energies पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹3,825 का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी की मजबूत सोलर मांग और एग्जीक्यूशन (execution) मोमेंटम (momentum) को देखते हुए यह रेटिंग दी गई है।

ब्रोकरेज का भरोसा कायम, ₹3,825 का लक्ष्य!

Motilal Oswal Financial Services का मानना है कि Waaree Energies भारतीय सोलर एनर्जी सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing) में लगातार तेजी और ऑर्डर्स (orders) को पूरा करने की क्षमता को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग को बनाए रखा है और इसका लक्ष्य मूल्य ₹3,825 रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि Waaree, देश के बढ़ते रूफटॉप (rooftop) और कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल (C&I) सोलर सेगमेंट से आने वाली मांग को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

बड़े ऑर्डर और दमदार नतीजे

Waaree Energies ने हाल ही में 15 जून, 2026 को 800 MW सोलर मॉड्यूल सप्लाई का एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। यह ऑर्डर फाइनेंशियल ईयर 2026 और 2027 में पूरा किया जाएगा, जो कंपनी की बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स (contracts) हासिल करने की क्षमता को दर्शाता है। नतीजों की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की तुलना में 71.4% बढ़कर ₹1,061 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू (Revenue) दोगुना से अधिक होकर ₹8,480 करोड़ पर पहुंच गया।

मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मार्केट पोजीशन

12 GW की इंस्टॉल्ड क्षमता के साथ, Waaree भारत के सबसे बड़े सोलर मॉड्यूल निर्माताओं में से एक है। कंपनी 'Approved List of Models and Manufacturers (ALMM)' जैसी सरकारी नीतियों का भी फायदा उठा रही है, जो घरेलू स्तर पर निर्मित मॉड्यूल्स को बढ़ावा देती हैं। Waaree अपनी वर्टिकल इंटीग्रेशन (vertical integration) को भी बढ़ा रही है, जिसमें मॉड्यूल असेंबली से आगे बढ़कर सेल, वेफर्स (wafers) और ग्रिड-कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर (grid-connected infrastructure) तक का विस्तार शामिल है। इसका मकसद इंपोर्ट (import) पर निर्भरता कम करना और लंबी अवधि के प्रॉफिट को स्थिर करना है। हाल ही में, इसकी सहायक कंपनी Waaree Renewable Technologies ने पावर ट्रांसमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार के लिए Associated Power Structures Private Limited (APSPL) का ₹1,225 करोड़ में अधिग्रहण पूरा किया है।

सेक्टर के जोखिमों पर भी नजर

हालांकि, मजबूत मांग और सरकारी समर्थन के बावजूद, सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कुछ जोखिम भी हैं। सिल्वर (silver) और कॉपर (copper) जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, कई कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं, जिससे आने वाले वर्षों में ओवरसप्लाई (oversupply) का खतरा बढ़ सकता है, जो प्राइसिंग (pricing) पर दबाव डाल सकता है। नागपुर में 10 GW इंटीग्रेटेड इंगोट (ingot) और वेफर सुविधा (wafer facility) जैसी बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में भी एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) यानी देरी या लागत बढ़ने का खतरा हो सकता है।

निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?

Waaree Energies के लिए भविष्य में निवेशकों की नजरें कंपनी की विस्तार योजनाओं के एग्जीक्यूशन (execution) पर, बढ़ती लागत के बीच हेल्दी प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर, ऑर्डर बुक (order book) ग्रोथ पर, खासकर यूटिलिटी-स्केल (utility-scale) और C&I सेगमेंट में, और नई अधिग्रहण की गई कंपनियों के इंटीग्रेशन (integration) पर रहेंगी। साथ ही, वेफर और सेल जैसी बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) परियोजनाओं का सफल कमिशनिंग (commissioning) कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

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