Kerala Renewable Energy: 2040 तक पूरी तरह 'ग्रीन' होगा केरल का पावर ग्रिड, निवेशकों के लिए नए मौके

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AuthorMehul Desai|Published at:
Kerala Renewable Energy: 2040 तक पूरी तरह 'ग्रीन' होगा केरल का पावर ग्रिड, निवेशकों के लिए नए मौके

केरल सरकार ने साल **2040** तक अपने पूरे पावर ग्रिड को रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) पर शिफ्ट करने का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। फिलहाल राज्य की बिजली खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी महज **26%** है, जिसे बढ़ाने के लिए सरकार अब स्टोरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव लगाएगी।

केरल सरकार ने 'केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड' (KSEB) और 'वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट' (WRI) इंडिया के साथ मिलकर एक दीर्घकालिक योजना जारी की है। इसका मकसद बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करना और जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता को खत्म करना है।

डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियां

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के बढ़ते इस्तेमाल और गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनिंग की भारी मांग के कारण बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ा है। सोलर और विंड एनर्जी जैसे वेरिएबल एनर्जी सोर्स को ग्रिड में जोड़ने के लिए एडवांस मैनेजमेंट की जरूरत है। इस रोडमैप में बैटरी सिस्टम और पंप्ड हाइड्रो जैसे एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस में भारी निवेश पर जोर दिया गया है।

निवेश के मौके और जोखिम

यह पॉलिसी रिन्यूएबल एनर्जी EPC कंपनियों, उपकरण निर्माताओं और स्टोरेज टेक्नोलॉजी डेवलपर्स के लिए नए कॉन्ट्रैक्ट्स का द्वार खोल सकती है। हालांकि, KSEB की वर्तमान वित्तीय स्थिति और फंड जुटाने की क्षमता इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। प्रोजेक्ट में देरी या फंड की कमी से इस लक्ष्य की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।

आगे क्या देखें?

अब निवेशकों की नजर राज्य सरकार द्वारा जारी होने वाले नए टेंडर्स और बजट एलोकेशन पर होगी। इसके अलावा, ANERT (एजेंसी फॉर न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी) की भूमिका और ग्रिड मॉडर्नाइजेशन के अपडेट्स यह तय करेंगे कि निजी क्षेत्र की भागीदारी इस इकोसिस्टम में कितनी तेजी से बढ़ेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.