Q4 में रिकॉर्ड तोड़ परफॉरमेंस
KPI Green Energy ने Q4 FY26 में ₹155 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹104 करोड़ की तुलना में 49% की बड़ी छलांग है। कंपनी का रेवेन्यू भी 40% बढ़कर ₹796 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में 80% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹305 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन बढ़कर 38% हो गया, जो पिछले साल 29% था।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी का नेट प्रॉफिट 57% बढ़कर ₹509 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹2,696 करोड़ रहा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में Captive Power Producer (CPP) सेगमेंट का योगदान 91% रहा, जबकि Independent Power Producer (IPP) सेगमेंट का हिस्सा 9% रहा।
10 GW का लक्ष्य और चुनौतियां
KPI Green Energy का लक्ष्य 2030 तक 10 GW से ज्यादा की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी हासिल करना है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी के पास 1.62 GW की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी थी और 4.64 GW प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा था। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है।
हालांकि, इस विस्तार और बढ़ते कर्ज को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स ₹861.6 करोड़ से बढ़कर ₹3,666 करोड़ हो गई हैं। इसके चलते, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.46x से बढ़कर 1.49x हो गया है। प्रमोटर्स ने अपनी 49.49% हिस्सेदारी में से 44.74% को प्लेज (pledged) भी किया हुआ है।
कॉम्पिटिशन और वैल्यूएशन
भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में Adani Green Energy, NHPC और SJVN जैसे बड़े खिलाड़ी भी तेजी से विस्तार कर रहे हैं, जो KPI Green Energy के लिए एक कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश करते हैं। कंपनी का P/E रेशियो 19.64x से 25.73x के बीच है, जो सेक्टर में प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है।
एनालिस्ट्स ने भविष्य के लिए ₹584.60 से लेकर ₹1,050 तक के टारगेट प्राइस का अनुमान लगाया है, जो कंपनी के प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने और बिजनेस ग्रोथ पर निर्भर करेगा।
