कैसे हुई बंपर कमाई?
KPI Green Energy ने FY26 में कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी के Captive Power Producer (CPP) बिजनेस और सोलर, विंड व हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर शानदार एग्जीक्यूशन ने रेवेन्यू को ₹2,742 करोड़ तक पहुंचाया। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने 447 MW की नई कैपेसिटी जोड़ी, जिससे कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़कर 975 MW हो गई है।
Q4 में EBITDA में 80% का उछाल
चौथी तिमाही के नतीजों में EBITDA में 80% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹305 करोड़ रहा। यह उछाल कंपनी के हाई-मार्जिन वाले Independent Power Producer (IPP) सेगमेंट की वजह से है, जिसका EBITDA मार्जिन Q4 FY26 में लगभग 38.4% रहा।
प्रोजेक्ट में देरी और पॉवर इवैक्वेशन की दिक्कत
हालांकि, कंपनी को गुजरात के खावडा में 376 MW की GUVNL IPP प्रोजेक्ट को शुरू करने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह पॉवर इवैक्वेशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याएं बताई जा रही हैं।
क्या कहती है ब्रोकरेज की रिपोर्ट?
कंपनी के नतीजों के बाद एनालिस्ट्स ने FY27 और FY28 के लिए कमाई के अनुमानों को 10-24% तक बढ़ाया है। साथ ही, कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कैपेसिटी भी डेवलप कर रही है, जिससे FY28 से रेवेन्यू आने की उम्मीद है।
वैल्युएशन और चिंताएं
KPI Green Energy का फॉरवर्ड पी/ई (Forward P/E) 8.33 है, जो इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री के एवरेज ट्रेलिंग पी/ई (Trailing P/E) 27x से काफी कम है। पिछले तीन सालों में, कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को 745% का रिटर्न दिया है।
लेकिन कुछ चिंताएं भी हैं। प्रमोटर एंटिटी Quyosh Energia Private Limited को ₹475 करोड़ के इक्विटी वारंट्स जारी किए गए हैं, जिससे शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी 4.87% से 5.64% तक डाइल्यूट (Dilute) हो सकती है। इसके अलावा, MarketsMOJO ने कंपनी को 'Sell' रेटिंग दी है, जो डेट सर्विसिंग और टेक्निकल इंडिकेटर्स पर चिंता जता रही है। कंपनी का कुल कर्ज 303% बढ़कर ₹4,532 करोड़ हो गया है, हालांकि डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.47 पर बना हुआ है।
भविष्य की राह
KPI Green Energy अपने IPP और CPP बिजनेस के साथ-साथ BESS और ग्रीन हाइड्रोजन में विस्तार की योजना बना रही है। मैनेजमेंट का फोकस बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और इक्विटी डाइल्यूशन के असर को मैनेज करने पर होगा।
