Competition Commission of India (CCI) ने KKR की सहयोगी कंपनी द्वारा Gentari Renewables India में **₹6,000 करोड़** के भारी-भरकम निवेश को हरी झंडी दे दी है। इस डील के तहत KKR भविष्य में इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के विकल्प के साथ सिक्योरिटीज में निवेश करेगी।
निवेश की बारीकियां और स्ट्रक्चर
इस डील के तहत KKR की सहयोगी फर्म Sapphire US HoldCo पैसा लगाएगी। यह निवेश सीधे इक्विटी खरीदारी के बजाय सिक्योरिटीज के जरिए हो रहा है, जिससे KKR के पास भविष्य में इक्विटी हिस्सेदारी लेने का विकल्प सुरक्षित रहेगा। PETRONAS ग्रुप की सब्सिडियरी Gentari Renewables इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने के लिए करेगी। साथ ही, कंपनी इस पूंजी का उपयोग कर्ज कम करने (Debt Reduction) के लिए भी करेगी, ताकि बैलेंस शीट को मजबूत बनाया जा सके।
भारत के रिन्यूएबल मार्केट में KKR का दबदबा
भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में KKR एक बड़ा नाम बन चुका है। कंपनी इससे पहले IndiGrid, Hero Future Energies और Serentica Renewables में बड़ा निवेश कर चुकी है। Gentari के साथ इस साझेदारी से KKR साउथ एशिया के क्लीन एनर्जी मार्केट में अपनी स्थिति और मजबूत कर रही है।
आगे की चुनौतियां
हालांकि रेगुलेटरी मंजूरी मिल गई है, लेकिन सेक्टर की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। भारत में क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स काफी कैपिटल-इंटेंसिव होते हैं। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से जमीन पर उतारती है और बढ़ती लागतों को कैसे मैनेज करती है। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में अपनी क्षमता को किस रफ्तार से बढ़ाती है और कर्ज घटाने की रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।
