Juniper Green Energy ने गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में **101 MW** की नई विंड कैपेसिटी शुरू कर दी है। अब कंपनी का कुल ऑपरेशनल पोर्टफोलियो बढ़कर **2,689 MWp** हो गया है, जो कंपनी की ग्रोथ के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा
इस विस्तार में सबसे खास बात महाराष्ट्र में 75 MW के हाइब्रिड प्रोजेक्ट का पूरी तरह से शुरू होना है। कंपनी ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के लिए इस प्रोजेक्ट को तय समय से 2 महीने पहले ही पूरा कर लिया है। रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में समय से पहले काम पूरा करना न केवल कैश फ्लो के लिए अच्छा है, बल्कि यह कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट को भी मजबूती देता है।
कर्ज और ग्रोथ का गणित
बता दें कि कंपनी ने इसी साल अगस्त में ₹1,800 करोड़ का IPO पेश किया था। हालांकि कंपनी तेजी से अपना विस्तार कर रही है, लेकिन निवेशकों के लिए चिंता की बात इसका हाई डेट-टू-इक्विटी रेशियो है, जो करीब 401% पर है। इतनी बड़ी उधारी के साथ काम करना मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
रिस्क और आगे का रास्ता
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर डालें तो इसका रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) अभी 1.18% के आसपास है। फिलहाल कंपनी 6,000 MW से ज्यादा की पाइपलाइन पर काम कर रही है। ऐसे में इस बड़े प्रोजेक्ट्स को बिना किसी देरी और लागत बढ़ाए पूरा करना कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी के लिए बेहद जरूरी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपने IPO से जुटाए फंड का इस्तेमाल कर्ज कम करने में कैसे करती है।
