Jindal Stainless Limited ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी रिन्यूएबल एनर्जी सब्सिडियरी Oyster Green Hybrid One Private Limited में ₹132 करोड़ का पूरा निवेश फाइनल कर लिया है। इस निवेश का एक हिस्सा, ₹23.41 करोड़, 4.60% अतिरिक्त स्टेक खरीदने में इस्तेमाल किया गया है। यह फंड 282 MW क्षमता वाले एक हाइब्रिड (विंड-सोलर) कैप्टिव पावर प्रोजेक्ट को गति देगा।
क्या होंगे फायदे?
यह ग्रीन पावर प्रोजेक्ट चालू होने के बाद कंपनी को सालाना करीब 700 मिलियन यूनिट बिजली सप्लाई करेगा। इससे न केवल कंपनी के ऑपरेशनल खर्चों में कमी आएगी, बल्कि हर साल लगभग 6.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में भी कटौती होगी। यह कदम Jindal Stainless के 2050 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम पड़ाव है।
स्टील सेक्टर में ग्रीन रेवोल्यूशन
Jindal Stainless, भारत के स्टील सेक्टर में बढ़ते ग्रीन इनिशिएटिव का हिस्सा बन गई है। Tata Steel और SAIL जैसी कंपनियां भी रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रही हैं। भारत का स्टील सेक्टर, जो राष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 10-12% का योगदान देता है, पर उत्सर्जन कम करने का भारी दबाव है। सरकार की 'ग्रीन स्टील टैक्सोनॉमी' जैसी पहलें इस बदलाव को और तेज कर रही हैं, जिसका लक्ष्य 2030-31 तक सेक्टर की ऊर्जा खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 43% तक पहुंचाना है।
कंपनी की वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Jindal Stainless का P/E रेश्यो 18.5 से 20.25 के बीच है, जबकि मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹581 अरब से ₹591 अरब के बीच था। एनालिस्ट्स का इस शेयर पर भरोसा बना हुआ है, जहां 12 ब्रोकरेज फर्मों ने इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग दी है। उनका औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹879.33 है, जो मौजूदा स्तरों से 20% से ज्यादा की तेजी का संकेत देता है।
ग्रीन प्रोजेक्ट्स से जुड़े जोखिम
हालांकि, इन ग्रीन प्रोजेक्ट्स में कुछ जोखिम भी शामिल हैं। बड़े हाइब्रिड पावर प्लांट्स को पूरा होने में देरी हो सकती है, जिससे उम्मीद के मुताबिक उत्सर्जन कटौती और लागत बचत प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, कोयले से हाइड्रोजन-आधारित स्टील बनाने जैसी नई तकनीकों को अपनाने की रफ्तार भी एक बड़ा फैक्टर होगी।
ESG पर दमदार प्रदर्शन
Jindal Stainless अपने ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) परफॉर्मेंस में लगातार बेहतर कर रही है। FY25 के लिए Dow Jones Sustainability Index (DJSI) में कंपनी का स्कोर 78 रहा, जो इसे दुनिया की टॉप 5% स्टील कंपनियों में शामिल करता है। हाल ही में इसे सस्टेनेबिलिटी के लिए गोल्डन पीकॉक अवॉर्ड भी मिला है।