PM Surya Ghar Scheme: जम्मू-कश्मीर में सोलर प्रोजेक्ट को झटका, 17,416 लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट

RENEWABLES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
PM Surya Ghar Scheme: जम्मू-कश्मीर में सोलर प्रोजेक्ट को झटका, 17,416 लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट

जम्मू-कश्मीर में PM Surya Ghar योजना की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। फाइनेंसिंग की दिक्कतों के कारण **17,416** से ज्यादा लोन एप्लिकेशन खारिज कर दी गई हैं, जिससे सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पूरा करने में चुनौती पैदा हो गई है।

जम्मू-कश्मीर में रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। हालांकि क्षेत्र ने मार्च 2027 के 83,500 के कुल लक्ष्य का करीब 55.24% यानी 46,133 इंस्टॉलेशन पूरा कर लिया है, लेकिन अब फाइनेंसिंग की समस्या ने इस रफ्तार को धीमा कर दिया है।

क्यों रिजेक्ट हुए इतने लोन?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सोलर इंस्टॉलेशन के लिए 17,416 लोन आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया है। इसमें से 14,232 आवेदन अकेले Kashmir Power Distribution Corporation Ltd (KPDCL) के दायरे में आते हैं। दरअसल, इस प्रोजेक्ट का करीब 75% काम बैंक फाइनेंसिंग पर निर्भर है, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में लोन रिजेक्शन से प्रोजेक्ट की गति पर सीधा असर पड़ रहा है।

बैंकों की बढ़ती चिंता

वित्तीय संस्थान सोलर वेंडर्स की साख और प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंटेशन में कमियों को लेकर सतर्क हो गए हैं। बैंक फिलहाल बिना पुख्ता चेकिंग के लोन देने से बच रहे हैं। सरकार अब तक लाभार्थियों को ₹344.14 करोड़ की सेंट्रल सब्सिडी और ₹13 करोड़ की यूटी (UT) सब्सिडी दे चुकी है, लेकिन लोन न मिलने से प्रोजेक्ट रुक रहे हैं।

क्या हैं अन्य चुनौतियां?

फाइनेंसिंग के अलावा, वेंडर्स की खराब उपलब्धता, नेट मीटर लगाने में देरी और पावर परचेज एग्रीमेंट के बैकलॉग जैसे ऑपरेशनल मुद्दे भी सामने आए हैं।

सरकार का अगला कदम

चीफ सेक्रेटरी अटल डुल्लू ने पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को आदेश दिया है कि सभी रिजेक्ट हुए आवेदनों की फॉरेंसिक जांच की जाए। प्रशासन अब डॉक्यूमेंटेशन में सुधार और वेंडर्स के साथ बेहतर तालमेल बैठाकर इन प्रोजेक्ट्स को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है ताकि समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.