Jakson Group ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में एक विशाल सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी **₹6,863 करोड़** का भारी-भरकम निवेश करेगी, जिससे मई **2028** से सिलिकॉन इंगोट्स, वेफर्स और सेल्स का घरेलू उत्पादन शुरू हो सकेगा।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव
Jakson Group अपनी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्तमान में कंपनी का ग्रेटर नोएडा में 1.2 GW क्षमता का सोलर मॉड्यूल प्लांट है, लेकिन अब कंपनी सीधे कोर कॉम्पोनेंट्स के उत्पादन में उतरने की तैयारी कर रही है। कुरनूल में लगने वाली इस नई फैसिलिटी के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने 290 एकड़ जमीन आवंटित की है, जिससे करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
उत्पादन का रोडमैप
यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा होगा:
- पहला चरण: मई 2028 से उत्पादन शुरू होगा, जिसमें इंगोट्स, वेफर्स और सेल्स की क्षमता 3 GW प्रति यूनिट होगी।
- वर्ष 2030 तक का लक्ष्य: कंपनी की योजना इंगोट्स और वेफर्स की कुल क्षमता को 10 GW और सेल्स की क्षमता को 5 GW तक ले जाने की है।
रिस्क और चुनौतियां
इतने बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो और कंपनी भारी कर्ज व कैश फ्लो को कैसे मैनेज करती है। साथ ही, सोलर मार्केट में कीमतों की अस्थिरता और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी अनिश्चितताएं भी कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकती हैं।
सरकारी नीति का मिला फायदा
यह निवेश आंध्र प्रदेश की 'इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी 2024' (Integrated Clean Energy Policy 2024) के तहत आया है। राज्य सरकार रिन्यूएबल एनर्जी हब बनने के लिए तेजी से जमीन और संसाधन मुहैया करा रही है, जिससे भारत के सोलर सेक्टर में 'आत्मनिर्भर' होने का सपना और करीब आ गया है।
