JM Financial की भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर शुरू हुई नई कवरेज ने साफ कर दिया है कि अब इस इंडस्ट्री में सिर्फ बड़े खिलाड़ी होना काफी नहीं है। ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के बीच टेक्नोलॉजी और इंटीग्रेशन क्षमताओं के आधार पर एक बड़ा डिविजन (division) देखने को मिल रहा है। जहां साल 2026 की शुरुआत तक कुल सोलर मॉड्यूल प्रोडक्शन कैपेसिटी 210 GW तक पहुंचने की उम्मीद है, वहीं JM Financial का विश्लेषण बताता है कि भविष्य का ग्रोथ टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन पर मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियों के पास ही जाएगा।
Emmvee का दबदबा, Waaree और Premier पर दबाव?
इस परिदृश्य में, Emmvee Photovoltaic Power, जिसका मूल्यांकन लगभग ₹16,100 करोड़ है, अपनी मजबूत टेक्नोलॉजी और इंटीग्रेशन क्षमताओं के दम पर अलग दिखती है। कंपनी को 'Buy' रेटिंग मिली है और इसके शेयर में 31% की बढ़ोतरी का अनुमान है। यह Waaree Energies (मार्केट कैप ~₹95,900 करोड़, P/E ~28x) और Premier Energies (मार्केट कैप ~₹44,100 करोड़, P/E ~33x) से बिल्कुल विपरीत है, जिन्हें 'Reduce' रेटिंग दी गई है।
टेक्नोलॉजी का गेम: कौन आगे, कौन पीछे?
JM Financial का वैल्यूएशन नजरिया सोलर इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण बदलाव पर प्रकाश डालता है। TOPCon जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने से कंपनियों को बड़ा फायदा मिल रहा है। अनुमान है कि नई और अधिक एफिशिएंट मॉड्यूल के आने से मौजूदा प्रोडक्शन कैपेसिटी का लगभग 40% पुराना पड़ सकता है। Emmvee को एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन कंपनी माना जा रहा है, जिसकी सेल और मॉड्यूल आउटपुट में ग्रोथ और रेवेन्यू व मुनाफे (EBITDA) में मजबूत विस्तार की उम्मीद है। इसका 7.5 गुना FY28 EV/EBITDA वैल्यूएशन इसकी कथित मजबूत टेक्नोलॉजी और इंटीग्रेशन क्षमताओं को दर्शाता है।
दूसरी ओर, Waaree Energies और Premier Energies को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Waaree 28 GW और Premier 8.2 GW मॉड्यूल कैपेसिटी का लक्ष्य FY28 तक रखती है, लेकिन JM Financial को Waaree की नए क्षेत्रों में विस्तार की योजनाओं में जोखिम दिख रहा है। फर्म का मानना है कि Premier का ग्रोथ पहले से ही मौजूदा स्टॉक प्राइस में शामिल है।
Waaree और Premier के लिए मार्जिन और ऑब्सोलेशन का खतरा
एनालिस्ट्स को चिंता है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और प्राइस प्रेशर के कारण FY26 से Waaree Energies और Premier Energies के प्रॉफिट मार्जिन कम हो सकते हैं। Waaree के पास भले ही काफी नकदी और विस्तार की योजनाएं हों, लेकिन उसकी महत्वाकांक्षी विविधीकरण (diversification) रणनीति ऐसे जोखिम पेश करती है जो फर्म के अनुसार, उसके स्टॉक की तत्काल ग्रोथ को सीमित कर सकते हैं। Premier Energies के पास ऑर्डर्स की एक मजबूत लिस्ट होने के बावजूद, समान वैल्यूएशन की चिंताएं हैं, क्योंकि उसके ग्रोथ की संभावनाएं पहले से ही उसके वर्तमान स्टॉक प्राइस में समाहित हैं।
बाजार की स्थितियां चीन की पॉलिसी में बदलाव, शिपिंग और मटेरियल लागत में वृद्धि के कारण 2026 में सोलर पैनल की कीमतों में वृद्धि का संकेत दे रही हैं। इससे कम एफिशिएंट निर्माताओं के मुनाफे में और कमी आ सकती है। इंडस्ट्री अब वॉल्यूम पर फोकस करने के बजाय अपनी सप्लाई चेन पर बेहतर कंट्रोल के माध्यम से प्रॉफिट बढ़ाने की ओर बढ़ रही है। यह बदलाव उन कंपनियों को नुकसान पहुंचा सकता है जिनके पास कम एडवांस प्रोडक्शन मेथड या कम इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स हैं।
JM Financial का नजरिया यह बताता है कि इंडियन सोलर मार्केट दो हिस्सों में बंट रहा है: टेक्नोलॉजी और इंटीग्रेशन में लीडर, और वे जो मुख्य रूप से स्केल पर निर्भर हैं। Emmvee Photovoltaic Power के लिए 'Buy' रेटिंग, बेहतर मुनाफे के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग में विश्वास को दर्शाती है। Waaree और Premier के लिए 'Reduce' रेटिंग बताती है कि उनके मौजूदा प्राइस में मार्जिन सिकुड़ने और टेक्नोलॉजी के पुराने पड़ने जैसे जोखिमों का पूरी तरह से हिसाब नहीं लगाया गया है। सेक्टर की भविष्य की सफलता कंपनियों की नई टेक्नोलॉजी जैसे TOPCon और N-type सेल्स को अपनाने की क्षमता के साथ-साथ कठिन बाजार में मुनाफा बनाए रखने के लिए अपनी सप्लाई चेन पर मजबूत नियंत्रण पर निर्भर करेगी।