Inox Green Energy Services ने Wind World India के ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) बिज़नेस को **₹550 करोड़** में खरीद लिया है। इससे कंपनी की क्षमता **4.5 GW** बढ़ गई है, लेकिन डील के स्ट्रक्चर और फंडिंग को लेकर निवेशकों की चिंता से शेयर में **6%** की गिरावट आई है।
Inox Green Energy Services Limited ने Wind World India Limited के ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) बिज़नेस का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह ₹550 करोड़ की डील कंपनी की सब्सिडियरी, Vibhav Energy Private Limited के जरिए की गई है। 7 अक्टूबर, 2026 को इस खबर के ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 6% की गिरावट देखी गई।
इस अधिग्रहण के साथ ही कंपनी का पोर्टफोलियो 4.5 GW विंड एनर्जी क्षमता बढ़ गया है, जिससे कंपनी की कुल सर्विस कैपेसिटी 13.3 GW के पार पहुंच गई है। यह ट्रांजैक्शन एक इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत एसेट्स और कस्टमर कॉन्ट्रैक्ट्स को 'स्लंप-सेल' आधार पर ट्रांसफर किया जा रहा है।
डील की फंडिंग और फाइनेंशियल स्ट्रक्चर
₹550 करोड़ की इस डील के लिए Inox Green ने ₹250 करोड़ इक्विटी और ₹300 करोड़ इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) के जरिए जुटाए हैं। लंबी अवधि के बैंक कर्ज के बजाय इन साधनों का उपयोग कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने के लिए किया गया है, हालांकि इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट के चलते अब कंपनी पर कैश फ्लो मैनेजमेंट का दबाव बढ़ गया है।
रणनीतिक असर
कंपनी का लक्ष्य भारत में एक बड़ा मल्टी-ब्रांड रिन्यूएबल सर्विस प्लेटफॉर्म बनाना है। Wind World India के एसेट्स को जोड़ने से कंपनी को स्केल का फायदा मिलने की उम्मीद है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इस अधिग्रहित बिज़नेस ने लगभग ₹580 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था।
रिस्क और निवेशकों के लिए मॉनिटरेबल्स
अधिग्रहण से कंपनी का विस्तार तो हुआ है, लेकिन बड़े पोर्टफोलियो को इंटीग्रेट करना और सर्विस क्वालिटी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन नई एसेट्स से कितनी जल्दी सिनर्जी हासिल करती है और यह नई कैपेसिटी आने वाली तिमाहियों में बॉटम-लाइन पर कितना मुनाफा जोड़ती है।
