इंडियन सोलर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का अनुमान है कि भारत का रूफटॉप सोलर मार्केट मौजूदा **17 GW** से बढ़कर **2030** तक **132 GW** तक पहुंच सकता है। इस ग्रोथ के पीछे 'PM सूर्य घर' योजना का बड़ा हाथ है।
बाजार की नई तस्वीर\n\nइंडियन सोलर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रूफटॉप सोलर सेक्टर एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अगले कुछ सालों में सालाना डिमांड 9 GW से 15 GW के बीच रहने का अनुमान है।\n\n### ग्रोथ की बड़ी वजह\n\nइस तेजी का मुख्य आधार केंद्र सरकार की PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना है। इस स्कीम का लक्ष्य मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों तक सोलर पैनल पहुंचाना है, जिससे उन इलाकों में भी सोलर की मांग बढ़ रही है जहाँ पहले यह किफायती नहीं माना जाता था।\n\n### निवेशकों के लिए जरूरी बात\n\nनिवेशकों को यह समझना होगा कि ISMA सिर्फ एक इंडस्ट्री बॉडी है और यह कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है। इसे Solar Industries India Limited जैसी कंपनियों के साथ न जोड़ें, क्योंकि दोनों का काम और सेक्टर बिल्कुल अलग हैं।\n\n### सप्लाई चेन और चुनौतियां\n\nहालांकि लक्ष्य 132 GW का है, लेकिन राह में कुछ चुनौतियां भी हैं:\n* पॉलिसी निरंतरता: मार्च 2027 के बाद पॉलिसी का क्या स्वरूप होगा, इसे लेकर अभी स्पष्टता की कमी है।\n* कच्चे माल पर निर्भरता: भारत में सोलर मॉड्यूल की असेंबली तो बढ़ रही है, लेकिन सोलर सेल और वेफर्स (Wafers) के लिए अभी भी आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।\n\nआने वाले समय में निवेशकों की नजर सरकारी नीतियों, सब्सिडी फ्रेमवर्क और घरेलू मैन्युफैक्चरर्स के कैपिसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) पर होनी चाहिए, क्योंकि यही तय करेगा कि सेक्टर की ग्रोथ की रफ्तार क्या होगी।