भारत ने सौर ऊर्जा में बनाए नए कीर्तिमान
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल स्थापित सौर क्षमता अब 150 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है क्योंकि अकेले 2025 में रिकॉर्ड 44 GW की नई सौर क्षमता जोड़ी गई है। यह आंकड़ा भारत को दुनिया के शीर्ष सौर ऊर्जा देशों में शुमार करता है।
सरकारी योजनाओं का अहम योगदान
इस तेज रफ्तार वृद्धि के पीछे सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं काम कर रही हैं। इनमें 'पीएम सूर्य घर मुल्लेर योजना' (PM Surya Ghar Muillère Yojana), 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (PM-KUSUM) और सोलर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) स्कीम प्रमुख हैं। इन पहलों ने देश भर में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और तैनाती को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति
2025 में भारत द्वारा जोड़ी गई 44 GW की सौर क्षमता, संयुक्त राज्य अमेरिका के सालाना 30-40 GW के आंकड़े से काफी आगे है। इस मामले में केवल यूरोपीय संघ और चीन ही हाल के वर्षों में भारत से आगे रहे हैं। यह वृद्धि 2014 से पहले के दौर के बिल्कुल विपरीत है, जब भारत की कुल सौर क्षमता सिर्फ 2.5 GW थी।
'मास सोलर मिशन' की मांग
इस बीच, एक एनजीओ NatConnect ने 'मास सोलर मिशन' शुरू करने का प्रस्ताव दिया है, जिसकी तुलना 'स्वच्छ भारत अभियान' से की गई है। समूह का तर्क है कि भारत की कच्चे तेल के आयात पर 85% की भारी निर्भरता को कम करने और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विकेंद्रीकृत, समुदाय-आधारित दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
