India Solar Power: ₹5,500 करोड़ की बड़ी योजना को मंजूरी, अब जमीन की नहीं होगी दिक्कत

RENEWABLES
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Solar Power: ₹5,500 करोड़ की बड़ी योजना को मंजूरी, अब जमीन की नहीं होगी दिक्कत
Overview

भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और जमीन की जरूरत को कम करने के लिए एक बड़ी पहल को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स को बैटरी स्टोरेज सिस्टम के साथ विकसित करने के लिए ₹5,500 करोड़ (लगभग $660 मिलियन) की एक नई योजना को मंजूरी दी है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

यह कदम नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2030 तक सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए लगभग 700,000 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स पानी की सतह पर लगाए जाते हैं, जिससे कीमती जमीन बचती है और पानी से पैनल ठंडे रहने के कारण इनकी कार्यक्षमता भी बढ़ सकती है।

फ्लोटिंग सोलर के फायदे

हालांकि फ्लोटिंग सोलर के कई फायदे हैं, लेकिन अब तक भारत में इसकी क्षमता केवल लगभग 700 मेगावाट (MW) ही स्थापित हो पाई है। इसके धीमे विकास के मुख्य कारण साइटों की विस्तृत जानकारी का अभाव और संचालन नियमों का स्पष्ट न होना है।

नीतिगत समर्थन और भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक उन राज्यों के लिए एक व्यावहारिक समाधान है जहां पानी तो भरपूर है, लेकिन सौर ऊर्जा विकास के लिए जमीन की कमी है, जैसे ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक। भारत में फ्लोटिंग सोलर की कुल क्षमता 200 GW से अधिक होने का अनुमान है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर फ्लोटिंग सोलर के लिए एक विशिष्ट नीति बनाने और जल निकायों के उपयोग के आसान तरीकों पर काम कर रहा है।

बड़े प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री का नजरिया

भारत में दुनिया के कुछ सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर फार्म मौजूद हैं। इनमें टाटा पावर (Tata Power) का मध्य प्रदेश में 126 MW का प्लांट और केरल में 101.6 MW का प्रोजेक्ट शामिल है। तेलंगाना में रामागुंडम एफपीवी (Ramagundam FPV) प्रोजेक्ट, जो 100 MW का है, वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा ऑपरेशनल फ्लोटिंग सोलर इंस्टॉलेशन है। कंपनियों का मानना है कि ये एकीकृत प्रोजेक्ट नई ऊर्जा के अवसर पैदा करेंगे, घरेलू विनिर्माण (manufacturing) को बढ़ावा देंगे, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएंगे और आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करेंगे। हालांकि, वर्तमान में फ्लोटिंग सोलर इंस्टॉलेशन जमीन पर लगने वाले पैनलों की तुलना में थोड़े महंगे हैं, फिर भी यह पहल ग्रिड स्टोरेज और मिनी-ग्रिड समाधानों (solutions) से जुड़ी कंपनियों को भी लाभ पहुंचा सकती है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.