शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा, मार्केट में गिरावट के बावजूद शेयर चढ़ा
इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (IREDA) ने ₹10 के फेस वैल्यू पर ₹0.60 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। बोर्ड ने 25 मार्च, 2026 को इसे मंजूरी दी थी और रिकॉर्ड डेट 2 अप्रैल, 2026 तय की गई है। यह डिविडेंड शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
गौरतलब है कि 25 मार्च, 2026 को BSE Sensex और Nifty 50 जैसे प्रमुख मार्केट इंडेक्स 2% से ज्यादा गिरे थे, लेकिन इन सबके बावजूद IREDA का शेयर 4.20% चढ़कर ₹119.20 पर बंद हुआ। यह ऐतिहासिक तौर पर IREDA का पहला डिविडेंड भुगतान है, जो इसके कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी में एक अहम बदलाव को दर्शाता है।
Q3 FY26 में जबरदस्त वित्तीय प्रदर्शन
अंतरिम डिविडेंड का ऐलान कंपनी के 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के मजबूत वित्तीय नतीजों का नतीजा है। IREDA ने पिछले साल की समान अवधि के ₹425.4 करोड़ की तुलना में नेट प्रॉफिट में 37.5% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर ₹584.9 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) 38% बढ़कर ₹2,140 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की Q3 FY25 में ₹1,699 करोड़ था। कंपनी के नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी 34.8% का अच्छा इजाफा हुआ और यह ₹897.5 करोड़ रहा।
लोन बुक ग्रोथ में आई थोड़ी नरमी
कंपनी की लोन बुक में सालाना आधार पर 28% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹87,975 करोड़ पर पहुंच गई। इस तिमाही में ₹9,860 करोड़ का डिस्बर्समेंट हुआ, जो 32% ज्यादा है। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) में 38% की वृद्धि होकर ₹13,537 करोड़ हो गई। हालांकि, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप कुमार दास ने यह भी बताया कि लोन बुक की ग्रोथ 27.6% रही, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में देखे गए 31% के मुकाबले थोड़ी कम है। यह ग्रोथ अभी भी पॉजिटिव है, लेकिन इसमें आई नरमी पर गौर करने की जरूरत है।
पीयर कंपनियों के मुकाबले वैल्यूएशन
IREDA का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 17.07 है, जो इसके सरकारी साथियों जैसे Power Finance Corporation (PFC) के 6.99 और Rural Electrification Corporation (REC) के 4.92 से ज्यादा है। NHPC का P/E लगभग 24.14 और Adani Green Energy का P/E करीब 85.3 है। IREDA का प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो लगभग 2.48 है। यह वैल्यूएशन कुछ साथियों के मुकाबले ठीक-ठाक है, लेकिन फाइनेंसियल सर्विसेज सेक्टर के औसत 0.9 से काफी ऊपर है।
संभावित जोखिम और चुनौतियां
मजबूत नतीजों और डिविडेंड के ऐलान के बावजूद कुछ जोखिम भी हैं। लोन बुक की ग्रोथ में आई नरमी बढ़ती प्रतिस्पर्धा या मार्केट सैचुरेशन का संकेत दे सकती है। IREDA का P/E, Adani Green से कम है, लेकिन PFC और REC से ज्यादा है, जो निवेशकों की भविष्य में उच्च ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है। अगर लोन का विस्तार धीमा रहा तो इस ग्रोथ को चुनौती मिल सकती है। 25 मार्च, 2026 को मार्केट में आई गिरावट मैक्रोइकॉनॉमिक बदलावों के प्रति कंपनी की संवेदनशीलता को भी दिखाती है।
एनालिस्ट की राय और भविष्य का आउटलुक
एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली लेकिन ज्यादातर सकारात्मक है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 'HOLD' की कंसेंसस रेटिंग और ₹116.37 का औसत प्राइस टारगेट बताता है कि निकट भविष्य में ज्यादा तेजी की उम्मीद कम है। वहीं, दूसरी रिपोर्ट 'Moderate Buy' रेटिंग और ₹183.6 का टारगेट देती है, और तीसरी रिपोर्ट ₹265 के टारगेट के साथ BUY रेटिंग का सुझाव देती है। सरकारी सपोर्ट और सोलर व विंड पावर सेक्टर में लगातार विस्तार के कारण सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, सोलर मॉड्यूल की बढ़ती कीमतें और बदलते पॉलिसी फ्रेमवर्क से निकट अवधि में कुछ अस्थिरता आ सकती है। भविष्य में IREDA का वैल्यूएशन, शेयरधारकों के रिटर्न को बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी फाइनेंसिंग पर इसके मुख्य मिशन पर निर्भर करेगा।