गुजरात सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2027 में 15,000 सरकारी इमारतों पर 65 MW क्षमता के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। **₹314 करोड़** के बजट वाले इस प्रोजेक्ट से सोलर EPC और स्मार्ट एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़े मौके खुल रहे हैं।
गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) ने राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी को और रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस नए प्रोजेक्ट के जरिए 65 MW की अतिरिक्त सोलर क्षमता जोड़ी जाएगी। खास बात यह है कि मार्च 2026 तक पहले से ही 6,014 सरकारी इमारतों पर 95 MW सोलर क्षमता काम कर रही है। इस पूरे काम के लिए सरकार ₹314 करोड़ खर्च करेगी और 100% कैपिटल-कॉस्ट सपोर्ट भी देगी।
स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर फोकस
सिर्फ पैनल ही नहीं, सरकार ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT) का इस्तेमाल करेगी। इसमें 15 मिनट के इंटरवल पर परफॉर्मेंस डेटा ट्रैक किया जाएगा, जिससे रिमोट डायग्नोस्टिक्स और ऑटोमेटेड फॉल्ट डिटेक्शन संभव होगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इस सरकारी योजना का बड़ा फायदा प्राइवेट EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) कंपनियों को मिलेगा, जो सोलर मॉड्यूल और इनवर्टर सप्लाई करेंगी। साथ ही, स्मार्ट मीटरिंग और सेंसर बनाने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए भी नया बिजनेस पाइपलाइन तैयार हो रहा है। गुजरात पहले ही 34,000 MW से ज्यादा की सोलर क्षमता के साथ भारत में लीड कर रहा है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि बड़ी सरकारी परियोजनाओं में अक्सर साइट अप्रूवल और ग्रिड कनेक्टिविटी में देरी हो सकती है, जिसका असर कंपनियों के रेवेन्यू रिकॉग्निशन पर पड़ सकता है।
