Grew Energy Solar: भारत में चीनी इंजीनियरों की एंट्री, सोलर मैन्युफैक्चरिंग में क्रांति!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Grew Energy Solar: भारत में चीनी इंजीनियरों की एंट्री, सोलर मैन्युफैक्चरिंग में क्रांति!
Overview

गुजरात की कंपनी Grew Energy भारत के सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने मध्य प्रदेश में अपना नया सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए चीन से करीब **40 इंजीनियरों** को बुलाया है। यह कदम **₹5,600 करोड़** के निवेश और **8 GW** क्षमता वाले प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका मकसद भारत को सोलर इकोसिस्टम में आत्मनिर्भर बनाना और टेक्नोलॉजी के गैप को भरना है।

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चीन से आए इंजीनियर, अब भारत में सोलर पावर का उत्पादन बढ़ेगा

ये विदेशी इंजीनियर चीन के शंघाई (Suzhou) क्षेत्र से आए हैं, जो सोलर इक्विपमेंट बनाने का एक बड़ा केंद्र है। इन्हें लगभग दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है। इनका मुख्य काम यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रोडक्शन लाइनें इंडस्ट्री के मानकों पर खरी उतरें और स्थानीय कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग दी जा सके।

मध्य प्रदेश में महत्वाकांक्षी विस्तार

Grew Energy ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (भोपाल के पास) में 60 एकड़ ज़मीन पर 8 GW क्षमता वाले सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स की नींव रखी है। यह प्रोजेक्ट कई चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में ₹2,000 करोड़ की लागत से 3 GW क्षमता का सेल प्लांट लगाया जाएगा, जिसके ट्रायल रन अप्रैल 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। दूसरे चरण में ₹3,600 करोड़ के निवेश से 5 GW क्षमता बढ़ाई जाएगी, जो मार्च 2027 तक चालू हो जाने की संभावना है।

Grew Energy की अपस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग की भी योजना

कंपनी यहीं नर्मदापुरम में अपस्ट्रीम यानी इनगॉट (ingot) और वेफर (wafer) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने की भी योजना बना रही है। भारत की सोलर सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए यह कदम बहुत अहम है। इसके लिए 65 एकड़ अतिरिक्त जमीन ली जा रही है, जहाँ 3 GW इनगॉट और वेफर प्लांट पर शुरुआती ₹1,800 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह अगले फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही (Q2) तक तैयार हो जाना चाहिए।

तकनीकी निर्भरता कम करने के लिए भारत में ट्रेनिंग

तकनीकी निर्भरता को कम करने के लिए, Grew Energy 18 भारतीय इंजीनियरों को चीन भेज रही है ताकि वे वहाँ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले सकें और जरूरी स्किल्स सीख सकें।

फाइनेंसिंग और सप्लाई चेन

इस बड़े विस्तार के लिए फंड की व्यवस्था इक्विटी और कर्ज (debt) के मिश्रण से होगी। ₹5,600 करोड़ के सेल प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए 70:30 के डेट-इक्विटी रेश्यो का इस्तेमाल किया जा रहा है। कर्ज का हिस्सा IREDA से आ रहा है, जबकि इक्विटी Chiripal परिवार और अन्य निवेशकों से। दूसरे चरण के लिए Bay Capital Investment Advisors जैसे संस्थानों से ₹1,050 करोड़ का फंड जुटाया जा रहा है, जिसमें कर्ज की व्यवस्था भी लगभग तय है। हालांकि, कंपनी फिलहाल चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया से लगभग 5.6 GW सोलर सेल इंपोर्ट कर रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.