Chiripal Group की कंपनी GREW Solar ने **₹430 करोड़** का एक बड़ा रिपीट ऑर्डर हासिल किया है। यह ऑर्डर कंपनी की N-type TOPCon सोलर मॉड्यूल्स की बढ़ती मांग को दर्शाता है। ध्यान रहे, यह एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
बड़े ऑर्डर से मजबूती
GREW Solar ने एक बड़े इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर से ₹430 करोड़ का रिपीट कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इसमें कंपनी अपनी G12R सोलर मॉड्यूल्स की सप्लाई करेगी, जो एडवांस्ड N-type TOPCon सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं। ये मॉड्यूल्स पुरानी टेक्नोलॉजी की तुलना में अधिक बिजली पैदा करने में सक्षम हैं, जिससे सोलर प्लांट्स को बेहतर एफिशिएंसी मिलती है।
यह पूरा ऑर्डर राजस्थान के दूदू (Dudu) में स्थित कंपनी की मौजूदा फैसिलिटी से पूरा किया जाएगा, जिसकी प्रोडक्शन कैपेसिटी 6.5 गीगावाट है। बार-बार एक ही क्लाइंट से ऑर्डर मिलना कंपनी की क्वालिटी और डिलीवरी ट्रैक रिकॉर्ड पर भरोसे का संकेत है।
विस्तार की योजना
कंपनी अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। साल 2026 की शुरुआत में कंपनी ने ₹1,050 करोड़ की फंडिंग जुटाई थी। अब कंपनी का लक्ष्य केवल असेंबली तक सीमित न रहकर खुद सेल मैन्युफैक्चरिंग में उतरना है, जिसके लिए मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में नया प्लांट लगाया जा रहा है।
चुनौतियां और रिस्क
हालांकि कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़े कैपिटल इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है, जिससे कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। फिलहाल, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग 'IND BBB+' (स्टेबल आउटलुक) है।
इसके अलावा, इंडस्ट्री को पॉलीसिलिकॉन (Polysilicon) और वेफर्स (Wafers) जैसे कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। सप्लाई चेन में दिक्कत या कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन पर सीधा असर डाल सकते हैं। साथ ही, घरेलू स्तर पर कैपेसिटी बढ़ने से बाजार में ओवरसप्लाई का रिस्क भी बना हुआ है, जिससे भविष्य में कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
