Fourth Partner Energy ने महाराष्ट्र में एक हाइब्रिड रिन्यूएबल फैसिलिटी खड़ी करने के लिए Tata Capital Cleantech Finance से **₹750 करोड़** का कर्ज जुटाया है। यह प्रोजेक्ट सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज को जोड़कर डेटा सेंटर्स को 24 घंटे बिजली मुहैया कराएगा।
प्रोजेक्ट की बारीकियां और तकनीक
इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर में 300 MWp सोलर, 50 MW विंड पावर और 750 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज क्षमता शामिल की जाएगी। रिन्यूएबल सेक्टर में सोलर और विंड के साथ सबसे बड़ी समस्या उपलब्धता की रहती है, जिसे दूर करने के लिए कंपनी 'हाइब्रिड मॉडल' अपना रही है। यह तकनीक अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने की सुविधा देती है, जो मुंबई जैसे शहरों के डेटा सेंटर्स के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रेटजी पर तेजी से काम कर रही है। फिलहाल Fourth Partner Energy की इंस्टॉल्ड क्षमता 2 गीगावाट है और 3 गीगावाट के प्रोजेक्ट्स अभी डेवलपमेंट फेज में हैं। कंपनी का लक्ष्य 2031 तक अपने पोर्टफोलियो को 9 गीगावाट तक ले जाने का है। कंपनी के क्लाइंट्स की लिस्ट में Unilever, UltraTech और Varun Beverages जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
इंडस्ट्री जानकारों का मानना है कि हाइब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर काफी कॉम्प्लेक्स होता है, क्योंकि इसमें ग्रिड कनेक्टिविटी और अलग-अलग पावर सोर्स का तालमेल बिठाना बड़ी चुनौती है। रिन्यूएबल स्पेस में काम करने वाली कंपनियां अपने विस्तार के लिए भारी कर्ज पर निर्भर हैं, ऐसे में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना और कैश फ्लो मैनेज करना कंपनी की सफलता की असली परीक्षा होगी।
