शेयर बाजार में Emmvee Solar की धूम
Emmvee Solar के शेयर आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹299.5 के 52-week high को छूने के बाद 8.2% की तेजी के साथ ₹294.42 पर बंद हुए। वहीं, निफ्टी50 (Nifty50) में सिर्फ 1.2% की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे प्रोडक्शन वॉल्यूम का बढ़ना और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का विस्तार होना मुख्य वजहें हैं। साथ ही, मजबूत बैलेंस शीट की वजह से फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) में आई कमी ने भी मुनाफे को बढ़ाने में मदद की। इस उछाल के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) ₹20,337 करोड़ हो गया है।
Q4FY26 के दमदार नतीजे
Emmvee Solar ने मार्च 2026 तिमाही (Q4FY26) में ₹1,738.8 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 62% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट (Net Profit) 89% बढ़कर ₹392.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹207.1 करोड़ था। पिछले तिमाही (Q3 FY26) के मुकाबले रेवेन्यू 51% और नेट प्रॉफिट 263.6 करोड़ से बढ़कर ₹392.4 करोड़ रहा। EBITDA में 58% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹571.1 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन (EBITDA Margins) पिछले साल के 34% से थोड़ा घटकर करीब 33% पर रहा।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो रेवेन्यू 116% बढ़कर ₹5,049.9 करोड़ और नेट प्रॉफिट 193% उछलकर ₹1,081.6 करोड़ पर जा पहुंचा। कंपनी के पास 9.4 GW का जबरदस्त ऑर्डर बुक (Order Book) है, जो भविष्य की मजबूत डिमांड की ओर इशारा करता है।
ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा
JM Financial ने Emmvee Solar के शेयर पर 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और इसके टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹341 कर दिया है। यह लक्ष्य मौजूदा भाव से करीब 25% की और तेजी का संकेत देता है। दूसरी ओर, Jefferies ने ₹350 का टारगेट दिया है, जबकि अन्य एनालिस्टों का औसत टारगेट प्राइस करीब ₹292.75 है।
चिंताएं और भविष्य की योजनाएं
हालांकि, रेवेन्यू में भारी बढ़ोतरी के बावजूद EBITDA मार्जिन का 33% पर स्थिर रहना थोड़ी चिंता की बात है। यह बढ़ता रॉ मटेरियल कॉस्ट (raw material cost) या ऑपरेशंस के बढ़ते खर्चों का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, इम्पोर्टेड रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और करेंसी एक्सचेंज रेट्स (currency exchange rates) जैसे रिस्क भी कंपनी के सामने हैं।
Emmvee Solar भविष्य में 6 GW का एक इंटीग्रेटेड प्लांट लगाने की योजना बना रही है, जो अप्रैल 2027 तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। इस प्लांट का फंड कंपनी कर्ज और अपनी आंतरिक नकदी से जुटाएगी। भारत का सोलर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में कंपनी की आगे की ग्रोथ और इन योजनाओं का सफल निष्पादन उसके वैल्यूएशन (Valuation) को और मजबूत कर सकता है।
