दिल्ली सरकार अपने शहर में रूफटॉप सोलर (Rooftop Solar) के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार एक नई पॉलिसी ला रही है जिसमें घरों और व्यावसायिक जगहों पर सोलर पैनल लगवाने की शुरुआती लागत को काफी कम कर दिया जाएगा। इसके तहत, सरकार पांच साल की जनरेशन-बेस्ड इंसेटिव (Generation-Based Incentive) को एडवांस में ही देगी, जिससे लोगों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम हो जाएगा।
सोलर पैनल लगाने की लागत में बड़ी राहत
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक शहर में 4,500 मेगावॉट (MW) सोलर कैपेसिटी (Solar Capacity) का लक्ष्य हासिल किया जाए। इसी दिशा में, सरकार रूफटॉप सोलर पैनल की ऊंची शुरुआती कीमत की समस्या को हल करने के लिए एक नई पॉलिसी पर काम कर रही है। ड्राफ्ट प्लान के मुताबिक, सरकार मौजूदा सब्सिडी के साथ-साथ अगले पांच सालों के लिए जनरेशन-बेस्ड इंसेटिव का भुगतान भी एडवांस में करेगी।
समझें अभी की लागत और सब्सिडी
फिलहाल, 3 किलोवॉट (KW) क्षमता वाले रूफटॉप सोलर प्लांट की कीमत लगभग ₹2.25 लाख आती है। इसमें केंद्र सरकार से ₹78,000 और दिल्ली सरकार से ₹30,000 की सब्सिडी मिलती है, यानी कुल ₹1.08 लाख की सब्सिडी। इसके अलावा, प्रति यूनिट ₹3 के हिसाब से जनरेशन-बेस्ड इंसेटिव (Generation-Based Incentive) मिलता है, जो बिजली बिल में एडजस्ट होता है। लेकिन, नई पॉलिसी में इस इंसेटिव को एडवांस में देने से घर खरीदारों को तुरंत बड़ी राहत मिलेगी और नेट कॉस्ट लगभग जीरो के करीब पहुंच सकती है।
2027 तक 4,500 MW का लक्ष्य
दिल्ली में अब तक 10,000 से ज्यादा रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन (Rooftop Solar Installation) हो चुके हैं, लेकिन सरकार इसे बढ़ाकर 2.30 लाख तक ले जाना चाहती है। इस बड़े लक्ष्य को पाने के लिए दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (Delhi Electricity Regulatory Commission) ने पहले ही छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए अप्रूवल प्रोसेस को आसान बना दिया है।
आगे की राह
इस नई पॉलिसी को कैबिनेट से मंजूरी मिलनी बाकी है। सरकार, केंद्र की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' (PM Suryaghar Muft Bijli Yojna) का भी लाभ उठाने की कोशिश करेगी। सोलर इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है, क्योंकि इससे इंस्टॉलेशन की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे रेवेन्यू (Revenue) में बढ़ोतरी हो सकती है।
