दिल्ली सरकार ने एक नई सोलर एनर्जी पॉलिसी को मंजूरी दी है, जिसके तहत 400 यूनिट से कम बिजली खपत वाले घरों में **3 kW** के सोलर पैनल मुफ्त लगाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य मार्च **2027** तक **2.30 लाख** घरों को कवर करना है।
दिल्ली सरकार ने अपनी सोलर एनर्जी पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए रेजिडेंशियल कंज्यूमर्स के लिए राहत का ऐलान किया है। नई योजना के तहत, जो परिवार महीने में 400 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करते हैं, वे मुफ्त 3 kW के रूफटॉप सोलर पैनल के लिए पात्र होंगे। सरकार ने मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों में ये सिस्टम इंस्टॉल करने का लक्ष्य रखा है।
कैसे काम करेगी सब्सिडी?
पहले जनरेशन-आधारित इंसेंटिव्स मिलते थे, लेकिन अब सरकार 'अपफ्रंट सब्सिडी' मॉडल पर काम करेगी। दिल्ली सरकार ₹78,000 की कैपिटल सब्सिडी देगी, जिसे सेंट्रल गवर्नमेंट की समान राशि के साथ जोड़ा जाएगा। इससे पूरी इंस्टॉलेशन कॉस्ट कवर हो जाएगी और उपभोक्ताओं पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इतना ही नहीं, सोलर यूनिट्स के मेंटेनेंस का खर्च भी सरकार खुद उठाएगी।
सेक्टर पर क्या होगा असर?
यह पहल रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए बड़ी खबर है, क्योंकि इससे सोलर पैनल्स, इनवर्टर और माउंटिंग सिस्टम की मांग में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट की सफलता इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी पहलुओं पर निर्भर करेगी, जैसे कि छतों की मजबूती और पर्याप्त धूप। इन्वेस्टर्स अब इस बात पर नजर रखेंगे कि सोलर मैन्युफैक्चरर्स और EPC कंपनियां इस सरकारी डिमांड को कैसे पूरा करती हैं और क्या वे अपने प्रोजेक्ट मार्जिन को सुरक्षित रख पाती हैं।
