Crompton Greaves Consumer Electricals ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से ₹64.99 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। इस डील के तहत कंपनी महाराष्ट्र में 3,000 सोलर वॉटर पंप लगाएगी। यह प्रोजेक्ट PM-KUSUM-B योजना का हिस्सा है और इसमें 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।
सोलर पंप प्रोजेक्ट का पूरा विवरण
Crompton Greaves Consumer Electricals को MSEDCL की ओर से लगभग ₹64.99 करोड़ (टैक्स छोड़कर) का यह ऑर्डर मिला है। यह मौजूदा रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत दिया गया है। कंपनी को ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम का डिज़ाइन, निर्माण, सप्लाई और इंस्टॉलेशन करना होगा। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य PM-KUSUM-B योजना के तहत कृषि क्षेत्र में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और रखरखाव
इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सप्लाई ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में पंपों की पूरी इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग की ज़िम्मेदारी भी Crompton Greaves की है। कॉन्ट्रैक्ट में 5 साल की रिपेयर और मेंटेनेंस सर्विस के साथ-साथ इन पंपों की परफॉरमेंस ट्रैक करने के लिए रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना भी शामिल है। कंपनी को वर्क ऑर्डर मिलने के 60 दिनों के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह एक डोमेस्टिक कॉन्ट्रैक्ट है और इसमें कोई रिलेटेड-पार्टी ट्रांज़ैक्शन नहीं है।
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजे
यह ऑर्डर ऐसे समय में आया है जब कंपनी FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों से निपट रही है। हालिया तिमाही में, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Butterfly Gandhimathi से जुड़े ₹716 करोड़ के एकमुश्त इम्पेयरमेंट चार्ज के चलते ₹533.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया था। इस एकमुश्त खर्च को हटा दें तो कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट ₹172 करोड़ रहा।
इस तिमाही में रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10.8% बढ़कर ₹2,283.3 करोड़ हो गया। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव देखा गया; EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान तिमाही के 13% की तुलना में घटकर 11.9% पर आ गया। इस गिरावट का मुख्य कारण कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और ऑपरेशनल खर्चों में वृद्धि है। कंपनी लागत में कटौती के उपाय कर रही है, लेकिन मार्जिन में उतार-चढ़ाव से निवेशक चिंतित हैं। नतीजों के बाद, Crompton Greaves के शेयर BSE पर ₹259.00 पर बंद हुए, जो बुधवार को 3.52% की गिरावट दर्शाता है।
आगे की राह
निवेशक अब कंपनी की ओर से मार्जिन को मैनेज करने और इन सरकारी प्रोजेक्ट्स को संतुलित करने की क्षमता पर नज़र रखेंगे। शेयरहोल्डर्स के लिए एक और अहम बात 7 अगस्त, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) है, जहाँ प्रति शेयर ₹3 के प्रस्तावित डिविडेंड पर वोटिंग होगी। इस सोलर ऑर्डर की सफलता कंपनी की 60-दिन की सख्त समय-सीमा के भीतर प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने और लागत को नियंत्रण में रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
