Brookfield और ACME Cleantech की बड़ी डील: ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश किए **$600 मिलियन**

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AuthorMehul Desai|Published at:
Brookfield और ACME Cleantech की बड़ी डील: ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश किए **$600 मिलियन**

Brookfield Asset Management ने ACME Cleantech Ventures में **$600 मिलियन** के निवेश का ऐलान किया है। यह फंड भारत और ओमान में ग्रीन अमोनिया और मिथेनॉल प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जो 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' को रफ्तार देगा।

बड़े निवेश से क्या बदलेगा?

यह निवेश Brookfield Global Transition Fund के जरिए किया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद भारत और ओमान में बड़े पैमाने पर ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मिथेनॉल के प्रोडक्शन यूनिट्स को तैयार करना है। ये प्रोजेक्ट्स ग्लोबल लेवल पर बढ़ती लो-कार्बन इंडस्ट्रियल डिमांड को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?

यह डील भारत के 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' के विजन से सीधे जुड़ती है। आम सोलर या विंड पावर प्रोजेक्ट्स के मुकाबले, ग्रीन अमोनिया और मिथेनॉल का प्रोडक्शन काफी कॉम्प्लेक्स है। इसमें न केवल रिन्यूएबल पावर जनरेशन की जरूरत होती है, बल्कि इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा सेटअप भी चाहिए होता है।

पार्टनर्स और चुनौतियां

ACME ने अपनी सफलता सुनिश्चित करने के लिए कई ग्लोबल दिग्गजों के साथ हाथ मिलाया है, जिनमें जापान की IHI Corporation, Mitsubishi Gas Chemicals और नॉर्वे की Yara International शामिल हैं। वहीं, भारत में कंपनी Solar Energy Corporation of India, IFFCO और Coromandel International के साथ काम कर रही है।

हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस सेक्टर में रिस्क भी हैं। इन प्लांट्स में भारी-भरकम शुरुआती खर्च (Upfront Cost) होता है और रेवेन्यू शुरू होने में लंबा समय लग सकता है। ग्लोबल डिमांड में उतार-चढ़ाव और रॉ मटेरियल की कीमतों का असर इन प्रोजेक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ सकता है।

फिलहाल, Brookfield का यह कदम रिन्यूएबल सेक्टर में अपनी धाक जमाने की कोशिश है। कंपनी पहले से ही भारत में लगभग 50GW के विंड और सोलर एसेट्स को मैनेज कर रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.