विस्तार की योजना और वित्तीय स्थिति
Borosil Renewables, अपनी सोलर ग्लास उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए दो नई भट्टियों (furnaces) को जोड़ने का इरादा रखती है, जिनमें से प्रत्येक 300 TPD (टन प्रति दिन) की क्षमता वाली होगी। इस ₹950 करोड़ की विस्तार योजना का लक्ष्य कुल उत्पादन को 1,000 TPD से बढ़ाकर 1,600 TPD करना है, जो कि 60% की वृद्धि होगी। पूरी क्षमता का उत्पादन फाइनेंशियल ईयर 2028 (FY28) तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) ₹7,587.92 करोड़ के आसपास है। हालांकि पिछले नुकसानों के कारण TTM P/E रेश्यो प्रभावित हुआ है, लेकिन मार्च 2026 के 23.39 के P/E से पता चलता है कि वर्तमान कमाई मजबूत है। शेयर में पिछले एक साल में 1.34% से 3.76% तक की अस्थिरता देखी गई है, और यह ₹374.40 से ₹721.00 के 52-हफ्ते के रेंज में ट्रेड कर रहा है।
मार्केट ग्रोथ और सरकारी सहारा
इस विस्तार का मुख्य कारण भारत का तेजी से बढ़ता सोलर मार्केट है, जिसके 2026 तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनने का अनुमान है। सरकार की 'पीएम सूर्य घर' (PM Surya Ghar) जैसी पहल और व्यापक औद्योगिक विस्तार इस मांग को और बढ़ा रहे हैं। कंपनी का यह कदम चीन (China) और वियतनाम (Vietnam) से सोलर ग्लास के आयात पर सरकार द्वारा लगाए गए एंटी-डंपिंग ड्यूटी (anti-dumping duties) के बाद आया है, जो 4 दिसंबर 2024 से प्रभावी है। इससे पहले, 9 जनवरी 2025 को 50% क्षमता विस्तार की घोषणा और वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की 'रेफरेंस प्राइस' पॉलिसी के बाद Borosil Renewables के शेयर में तेज उछाल देखा गया था, जिसे घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया था।
प्रतिस्पर्धी माहौल और जोखिम
वर्तमान में, Borosil Renewables के पास भारत के सोलर ग्लास मार्केट का लगभग 43% हिस्सा है और जर्मनी (Germany) में अपनी सब्सिडियरीज के माध्यम से 65% की हिस्सेदारी रखती है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिसमें Vishakha Renewables और Triveni Renewables जैसी कंपनियां भी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। ₹950 करोड़ के इस विस्तार प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और प्रोडक्शन शुरू करने की चुनौतियां शामिल हैं। पूरा क्षमता यूटिलाइजेशन (utilization) होने से पहले मार्जिन पर दबाव आ सकता है। कंपनी सरकारी नीतियों जैसे एंटी-डंपिंग ड्यूटी पर निर्भर है, जो इसे ट्रेड नियमों में बदलाव के प्रति संवेदनशील बनाती है। बढ़ी हुई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल क्षमता से संभावित ओवरसप्लाई (oversupply) भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है। कंपनी की जर्मन सब्सिडियरीज के इंसॉल्वेंसी (insolvency) से भी बड़े चार्ज लगे हैं।
भविष्य की रणनीति
आगे चलकर, कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) में मामूली प्रदर्शन सुधार की उम्मीद कर रही है, जिसमें एक फर्नेस जनवरी 2027 तक चालू हो सकती है। Borosil रूफटॉप सोलर सॉल्यूशंस (rooftop solar solutions) मार्केट में भी कदम रखने पर विचार कर रही है। इस विस्तार के लिए इक्विटी (equity), डेट (debt) और इंटरनल एक्रुअल्स (internal accruals) का मिश्रण इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2026 तक भारत के डोमेस्टिक सोलर ग्लास मार्केट का लगभग 60% हिस्सा हासिल करना है।
