ArMee Infotech ने राजस्थान में **600 MW** के सोलर प्रोजेक्ट के लिए Bondada Engineering से **₹740.97 करोड़** का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस ऑर्डर से कंपनी का पोर्टफोलियो मजबूत हुआ है, जो अपने IPO की तैयारी में जुटी है।
बड़े ऑर्डर से बढ़ी ताकत
ArMee Infotech ने Bondada Engineering से ₹740.97 करोड़ (GST सहित) का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस डील के तहत कंपनी राजस्थान के फतेहगढ़ में 600 MW के सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए 'बैलेंस ऑफ सिस्टम' (BOS) का काम संभालेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट दो बराबर हिस्सों में बंटा है, जिनकी वैल्यू ₹375.18 करोड़ और ₹365.79 करोड़ है।
क्या है 'बैलेंस ऑफ सिस्टम'?
सोलर इंडस्ट्री में BOS का मतलब है सोलर पैनल को छोड़कर बाकी सभी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना। इसमें साइट डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रिड तक बिजली पहुंचाने का सिस्टम सेटअप करना शामिल है। इसके अलावा, कंपनी 3 साल तक ऑपरेशंस और मेंटेनेंस (O&M) की जिम्मेदारी भी निभाएगी।
IPO की ओर बढ़ते कदम
ArMee Infotech को फरवरी 2026 में SEBI से IPO के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल चुका है। इतने बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट्स हासिल करना कंपनी की तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है, जिससे संभावित शेयरधारकों के सामने कंपनी की रेवेन्यू क्षमता का एक मजबूत दावा पेश होता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
इतने बड़े प्रोजेक्ट में निष्पादन (Execution) से जुड़े जोखिम भी होते हैं। इक्विपमेंट की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में रुकावट और तय समय पर काम पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि IPO की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन मार्केट कंडीशंस और इंटरनल फैसलों के आधार पर ही आईपीओ की फाइनल तारीख तय होगी। निवेशकों को अब प्रोजेक्ट की प्रगति और आईपीओ की आधिकारिक घोषणा पर नज़र रखनी चाहिए।
