Antony Waste: जापान की JFE से ₹44 Cr की डील, शेयर में रॉकेट सी तेजी!

RENEWABLES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Antony Waste: जापान की JFE से ₹44 Cr की डील, शेयर में रॉकेट सी तेजी!
Overview

Antony Waste Handling Cell Ltd. के निवेशकों के लिए अच्छी खबर! कंपनी ने जापान की दिग्गज JFE Engineering Corporation के साथ एक बड़ी डील की है। JFE, आंध्र प्रदेश में Antony Waste के दो वेस्ट-टू-एनर्जी (Waste-to-Energy) प्रोजेक्ट्स में **₹44 करोड़** (लगभग ¥750 मिलियन) का निवेश करके **25%** हिस्सेदारी लेगी। इस अहम ऐलान के बाद Antony Waste के शेयर में **6%** से ज़्यादा की तेज़ी दर्ज की गई।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

जापानी कंपनी का बड़ा निवेश

Antony Waste Handling Cell Ltd. ने बताया कि जापान की JFE Engineering Corporation कंपनी के वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्रोजेक्ट्स में बड़ा निवेश कर रही है। JFE, आंध्र प्रदेश में कंपनी के दो स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPVs) - Kadapa Renew Energy Pvt. Ltd. और Kurnool Renew Energy Pvt. Ltd. में ¥750 मिलियन (लगभग ₹44 करोड़) का निवेश कर 25% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह विदेशी निवेश इन प्रोजेक्ट्स को गति देगा और भारत के तेजी से बढ़ते वेस्ट-टू-एनर्जी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। JFE Engineering, जिसके पास दुनिया भर में 260 से ज़्यादा WTE प्लांट्स बनाने का अनुभव है, अपनी खास 'स्टोकर ग्रेट' टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग का अनुभव भी लाएगी। डील के तहत Antony Waste की सब्सिडियरी Antony Lara Enviro Solutions Pvt. Ltd. इन SPVs में 75% हिस्सेदारी रखेगी, जबकि JFE के पास बाकी 25% होगी। JFE को बोर्ड में भी जगह मिलेगी, जो उसके रणनीतिक जुड़ाव को दर्शाता है।

शेयर में तूफानी तेजी

इस बड़ी खबर का असर तुरंत Antony Waste के शेयर पर दिखा। शेयर बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को 6.02% उछलकर ₹445.90 पर पहुंच गया। यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब पिछले छह महीनों में सामान्य बाजार दबाव के चलते शेयर में करीब 16.5% की गिरावट आई थी।

भारत का बढ़ता वेस्ट-टू-एनर्जी सेक्टर

Antony Waste का वेस्ट-टू-एनर्जी में कदम भारत के शहरी कचरे के प्रबंधन और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लक्ष्यों के अनुरूप है। भारत का WTE बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जो शहरीकरण, लैंडफिल की घटती जगह और 'स्वच्छ भारत मिशन' जैसी सरकारी पहलों से प्रेरित है। अनुमान है कि यह सेक्टर USD 1,557.0 मिलियन तक पहुंच जाएगा। Antony Waste, जो म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट कलेक्शन और मैनेजमेंट में माहिर है, इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए खुद को तैयार कर रही है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹12.2 बिलियन है और इसका TTM P/E रेशियो 14-15x के बीच है, जबकि EPS लगभग ₹29.25 है।

चुनौतियाँ और विश्लेषकों का नज़रिया

हालांकि, WTE सेक्टर को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। कुछ आलोचक इन प्लांट्स को डिसेंट्रलाइज्ड वेस्ट मैनेजमेंट से ज्यादा महंगा मानते हैं और बिजली उत्पादन की लागत-प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हैं। Antony Waste की वित्तीय स्थिति की बात करें तो, कंपनी पर करीब ₹3.76 बिलियन का नेट डेब्‍ट है, जबकि कुल डेब्‍ट ₹4.71 बिलियन है। इन बड़े प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधन की जरूरत होगी। बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) ने JFE Engineering के निवेश को सकारात्मक रूप से देखा है। Antony Waste Handling Cell Ltd. के लिए आम सहमति रेटिंग 'Buy' है, और कई विश्लेषक 59% से अधिक के संभावित उछाल के साथ ₹670-₹683 का टारगेट प्राइस बता रहे हैं। JFE के साथ हुई पार्टनरशिप ने कंपनी के भविष्य की ग्रोथ और बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता में विश्लेषकों का भरोसा बढ़ाया है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.