Advait Energy Transitions की सब्सिडियरी Advait Greenergy को KPI Green Energy से ₹116 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर राजस्थान के बीकानेर में 200 MW का सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए है। इस नए प्रोजेक्ट से कंपनी की ऑर्डर बुक तो बढ़ी है, लेकिन निवेशकों को कैश कलेक्शन और प्रोजेक्ट की टाइमलाइन पर कड़ी नजर रखनी होगी।
Advait Energy Transitions को मिला ₹116 करोड़ का EPC ऑर्डर
Advait Energy Transitions Limited ने ऐलान किया है कि उनकी सब्सिडियरी, Advait Greenergy Private Limited, को KPI Green Energy Limited की तरफ से ₹116 करोड़ का इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बीकानेर में 200 MW का सोलर ग्राउंड-माउंटेड पावर प्लांट लगाया जाएगा।
यह कॉन्ट्रैक्ट प्रोजेक्ट के पूरे लाइफसाइकिल को कवर करता है, जिसमें शुरुआती डिजाइन, कंपोनेंट्स की सप्लाई, कंस्ट्रक्शन, टेस्टिंग और फाइनली कमीशनिंग शामिल है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को 12 महीनों के अंदर पूरा करने की डेडलाइन तय की है। यह एक टर्नकी (Turnkey) प्रोजेक्ट है, जिसका मतलब है कि कंपनी शुरुआत से लेकर अंत तक इसकी पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।
पहले भी मिले हैं बड़े ऑर्डर्स
यह ऑर्डर Advait Energy Transitions के लिए हालिया प्रोजेक्ट्स की सफल सीरीज़ का हिस्सा है। जुलाई 2026 में, कंपनी को पश्चिम गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (PGVCL) से कुल ₹250.59 करोड़ के चार कॉन्ट्रैक्ट मिले थे। इन पिछले प्रोजेक्ट्स में गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में ओवरहेड पावर लाइनों को अंडरग्राउंड केबल में बदलना शामिल था। अलग-अलग क्लाइंट्स से बड़े ऑर्डर हासिल करने की क्षमता कंपनी के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर फुटप्रिंट को बढ़ाने पर फोकस को दर्शाती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
हालांकि, बढ़ता ऑर्डर बुक कंपनी के बिजनेस मोमेंटम का संकेत देता है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ इस बात पर बहुत निर्भर करती है कि वह अपने कैश और डेट को कैसे मैनेज करती है। एनर्जी सेक्टर में अक्सर हाई वर्किंग कैपिटल की जरूरत होती है। पिछली रिपोर्ट्स में, कंपनी के डेटर डेज (Debtor Days) यानी ग्राहकों से पेमेंट वसूलने में लगने वाला समय, काफी ज्यादा देखा गया है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल की अवधियों में अपने ऑपरेशंस से निगेटिव कैश फ्लो (Negative Cash Flow) रिपोर्ट किया है और करीब ₹196.89 करोड़ की कंटीजेंट लायबिलिटी (Contingent Liabilities) भी है। ये फैक्टर्स बताते हैं कि कॉन्ट्रैक्ट जीतना सिर्फ पहला कदम है।
शेयरहोल्डर्स के लिए असली फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स को समय पर और बिना किसी कॉस्ट ओवररन (Cost Overrun) के पूरा कर पाती है या नहीं, और सबसे महत्वपूर्ण, ग्राहकों से एफिशिएंटली पेमेंट कलेक्ट कर पाती है या नहीं। अगर कलेक्शन का समय हाई रहता है या कैश फ्लो टाइट रहता है, तो कंपनी एक मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन के बावजूद फाइनेंशियल प्रेशर का सामना कर सकती है।
इस अनाउंसमेंट के बाद, Advait Energy Transitions के शेयरों में 18 अगस्त, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2% से ज्यादा की पॉजिटिव मार्केट रिएक्शन देखने को मिली। निवेशक अब प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन माइलस्टोन, इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स पर मार्जिन परफॉर्मेंस और आने वाले क्वार्टरली रिजल्ट्स में कंपनी के कैश कलेक्शन साइकिल में किसी भी सुधार पर अपडेट्स का इंतजार कर सकते हैं।
