📈 नतीजों का पूरा विश्लेषण: कंसोलिडेटेड ग्रोथ के आगे स्टैंडअलोन मार्जिन पर सवाल?
Advait Energy Transitions Limited (जिसे पहले Advait Infratech Limited के नाम से जाना जाता था) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है। नतीजों में कंपनी का कंसोलिडेटेड कारोबार तेजी से बढ़ा है, लेकिन स्टैंडअलोन स्तर पर प्रॉफिटेबिलिटी पर कुछ चिंताएं दिखाई दे रही हैं।
कंसोलिडेटेड मोर्चे पर बंपर ग्रोथ:
Q3 FY26 में Advait Energy का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 114.43% उछलकर ₹21,102.59 लाख पर पहुंच गया। इसी अवधि में, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 77.60% की तेजी के साथ ₹1,799.96 लाख रहा।
पूरे नौ महीनों (9M FY26) के लिए भी तस्वीर बेहद मजबूत है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 138.41% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो ₹48,617.76 लाख दर्ज किया गया। कंसोलिडेटेड PAT में 89.78% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹3,863.05 लाख रहा।
स्टैंडअलोन पर रेवेन्यू बढ़ा, पर मार्जिन को लगी चोट:
स्टैंडअलोन स्तर पर भी कंपनी का रेवेन्यू Q3 FY26 में 32.17% बढ़कर ₹12,471.43 लाख रहा। लेकिन, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में बढ़ोतरी 20.47% तक ही सीमित रही और ₹1,251.00 लाख पर पहुंचा।
9M FY26 के नौ महीनों में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 46.74% बढ़कर ₹29,363.15 लाख और PAT 41.41% बढ़कर ₹3,081.92 लाख रहा।
मार्जिन पर दबाव की वजह:
स्टैंडअलोन PAT ग्रोथ की रफ़्तार, रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में धीमी रहने का मुख्य कारण 'कॉस्ट ऑफ मैटेरियल्स कंज्यूम्ड' (Cost of Materials Consumed) और 'फाइनेंस कॉस्ट' (Finance Costs) में हुई बड़ी बढ़ोतरी है। इन बढ़ी हुई लागतों ने प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन पर सीधा असर डाला।
EPS में जबरदस्त उछाल:
9M FY26 के लिए, स्टैंडअलोन बेसिक ईपीएस (Basic EPS) पिछले साल के ₹20.56 से बढ़कर ₹28.29 हो गया। कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस में भी शानदार सुधार देखने को मिला, जो ₹18.98 से उछलकर ₹31.73 पर पहुंच गया।
फंड जुटाने की योजना:
Advait Energy की सब्सिडियरी, Advait Greenergy Private Limited, भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के लिए ₹90 करोड़ तक का फंड जुटाने की संभावना पर विचार कर रही है। यह कंपनी के विस्तार की योजनाओं का संकेत देता है।
अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव:
कंपनी ने Q1 FY2025-26 से जॉइंट वेंचर्स के लिए अपनी अकाउंटिंग पॉलिसी बदली है। अब प्रोपोर्शनेट कंसोलिडेशन (Proportionate Consolidation) के बजाय इक्विटी मेथड (Equity Method) का उपयोग किया जाएगा, जिसे पिछली तारीख से लागू किया गया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
नतीजों के साथ कंपनी की ओर से भविष्य की योजनाओं या मार्केट आउटलुक पर कोई विशेष गाइडेंस या मैनेजमेंट कमेंट्री जारी नहीं की गई है। ऐसे में, निवेशकों को स्टैंडअलोन मार्जिन पर पड़ रहे लागत दबाव पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। सब्सिडियरी द्वारा फंड जुटाने की योजना सकारात्मक है, लेकिन इसके सफल एग्जीक्यूशन पर ही ग्रोथ का दारोमदार होगा।