चौथी तिमाही में दमदार प्रदर्शन
Adani Green Energy ने इस फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 22% बढ़कर ₹11,602 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, एनर्जी सेल्स में 34% की जोरदार उछाल आई और यह 37,567 मिलियन यूनिट तक जा पहुंची। कंपनी की क्षमता में हुई बढ़ोतरी और बेहतर प्लांट एफिशिएंसी (Plant Efficiency) ने इन नतीजों को सपोर्ट किया। खास बात यह है कि कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) भी 5% तक उम्मीदों से बेहतर रहा, जिसका मुख्य कारण ऑपरेटिंग एक्सपेंस (Operating Expenses) में कमी आना है।
जेफरीज ने बढ़ाया शेयर का टारगेट
इन मजबूत नतीजों के चलते ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Adani Green Energy पर अपना भरोसा और जताया है। फर्म ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,260 से बढ़ाकर ₹1,435 कर दिया है। यह नया टारगेट प्राइस मौजूदा स्तरों से करीब 16.6% के उछाल का संकेत देता है। यह कदम कंपनी की ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) और विस्तार योजनाओं में ब्रोकरेज फर्म के विश्वास को दर्शाता है।
क्षमता विस्तार में चुनौतियाँ
हालांकि, कंपनी को क्षमता विस्तार (Capacity Addition) में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। बड़े पैमाने पर ट्रांसमिशन इवैक्यूएशन (Transmission Evacuation) की चुनौतियों के कारण, कंपनी अब 4.5 गीगावाट नई क्षमता जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो पहले के 7-8 गीगावाट के अनुमान से कम है। इसी तरह, FY27 के लिए क्षमता विस्तार का गाइडेंस भी घटाकर 5 गीगावाट कर दिया गया है, जो पहले 6.3 गीगावाट था।
भविष्य की ओर एक नज़र
इन अल्पकालिक चुनौतियों के बावजूद, Adani Green अपने 2030 तक 50 गीगावाट क्षमता स्थापित करने के दीर्घकालिक लक्ष्य को पूरा करने की राह पर है। फिलहाल, कंपनी 19.3 गीगावाट क्षमता का संचालन कर रही है, जो भविष्य में ग्रोथ के लिए काफी बड़ा मौका दिखाता है, भले ही बुनियादी ढांचे की कुछ सीमाएँ हों।
