Adani Green Energy ने गुजरात के खावड़ा प्रोजेक्ट में अपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता को बढ़ाकर **6.63 GWh** कर लिया है। इसके साथ ही, कंपनी अब भारत की कुल ऑपरेशनल बैटरी स्टोरेज क्षमता के **50%** से ज्यादा हिस्से पर नियंत्रण रखती है।
खावड़ा प्रोजेक्ट में नई उपलब्धि
Adani Green Energy Ltd (AGEL) ने एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर माइलस्टोन हासिल किया है। खावड़ा में स्थित यह प्रोजेक्ट अब दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन बन गया है। भारत की कुल अनुमानित 12.6 GWh की ऑपरेशनल BESS क्षमता में से आधी से ज्यादा हिस्सेदारी अब AGEL के पास है।
पावर सप्लाई में बदलाव
सोलर और विंड एनर्जी की सबसे बड़ी चुनौती उनकी अनिश्चितता रही है, लेकिन बड़े पैमाने पर बैटरी इंटीग्रेशन के साथ, कंपनी अब दिन के दौरान पैदा हुई अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर सकती है और पीक डिमांड के दौरान सप्लाई कर सकती है। इससे कंपनी की रिन्यूएबल पावर अब 'डिसपैचेबल' बन गई है, जिसकी ग्रिड और ग्राहकों के लिए वैल्यू काफी ज्यादा है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल रफ्तार
कंपनी ने इस निर्माण कार्य को बेहद तेजी से पूरा किया है। लेटेस्ट फेज केवल 10 महीने में बनकर तैयार हुआ है, जबकि कुल कार्य 14 महीने में पूरा हुआ है। फाइनेंशियल फ्रंट पर भी कंपनी ने दमदार प्रदर्शन किया है: कंपनी का रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹4,280 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि EBITDA में 33% की उछाल के साथ यह ₹4,122 करोड़ दर्ज किया गया है।
आगे की चुनौतियां और भविष्य
इतने बड़े पैमाने पर काम करने का मतलब है कि कंपनी को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कॉस्ट कंट्रोल पर कड़ी नजर रखनी होगी। साथ ही, भारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के कारण निवेशकों की नजर कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर बनी रहेगी। इसके अलावा, PM-DHARA जैसी सरकारी योजनाओं और भविष्य में सब्सिडी फ्रेमवर्क में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा असर प्रोजेक्ट के इकोनॉमिक्स पर पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार की नजर अब कंपनी के अगले लक्ष्य पर है, जिसके तहत फाइनेंशियल ईयर 2027 में 10 GWh की अतिरिक्त BESS क्षमता जोड़ने की योजना है।
