खावडा में बैटरी स्टोरेज शुरू
Adani Green Energy Limited (AGEL) ने गुजरात के खावडा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क में 3.37 गीगावाट-घंटा (GWh) की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इसमें 1.37 GWh अतिरिक्त क्षमता भी शामिल है जिसे मार्च 2026 तक चालू किया गया था। खावडा की यह सुविधा अब चीन को छोड़कर दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज परियोजना बन गई है। सिर्फ दस महीनों में इसे पूरा करना AGEL की तेजी को दर्शाता है, जो भारत के बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है। यह सेक्टर ग्रिड इंटीग्रेशन की चुनौतियों और 24/7 क्लीन बिजली की बढ़ती मांग से जूझ रहा है।
ग्रिड की जरूरतें और वित्तीय स्थिति का संतुलन
खावडा BESS, Adani Green की सौर और पवन ऊर्जा की अप्रत्याशित प्रकृति को प्रबंधित करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी 2029 तक गुजरात पार्क में 30 GW क्षमता का लक्ष्य रख रही है, ऐसे में अतिरिक्त ऊर्जा को स्टोर करने की क्षमता मर्चेंट पावर मार्केट में आम मूल्य गिरावट को कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, कंपनी को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालिया सकारात्मक इंट्राडे स्टॉक प्रदर्शन के बावजूद, Adani Green के शेयर 140x से अधिक के ऊंचे प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो पर कारोबार कर रहे हैं। यह वैल्यूएशन लगातार ग्रोथ और सुचारू प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर निर्भर करता है। लेकिन, कंपनी ट्रांसमिशन लाइन की बाधाओं से भी जूझ रही है, जिसने पहले इसकी कमाई की क्षमता को सीमित किया है।
कर्ज और कैपिटल पर निवेशकों की नजर
निवेशक Adani Green के भारी कर्ज पर कड़ी नजर रख रहे हैं। 2026 की शुरुआत तक, कंपनी का नेट कर्ज ₹90,000 करोड़ से अधिक हो गया था। Adani Green 2030 तक 50 GW के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए $1 बिलियन बॉन्ड बिक्री सहित वैश्विक पूंजी जुटाने की सक्रिय रूप से कोशिश कर रही है। इसका डेट-टू-EBITDA रेशियो अभी भी 5x के आसपास बना हुआ है। हालांकि ऑपरेटिंग मार्जिन मजबूत हैं, ग्रिड की बाधाएं और कम मार्जिन वाली मर्चेंट बिक्री ने संभावित मुनाफे को प्रभावित किया है। किसी भी नियामक बदलाव, बढ़ती ब्याज दरों या ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी से कंपनी के बड़े कर्ज के बोझ को प्रबंधित करने की क्षमता पर दबाव पड़ सकता है।
आगे क्या?
कंपनी की रणनीति अगले पांच वर्षों में अपनी बैटरी स्टोरेज क्षमता को 50 GWh तक बढ़ाना है। विश्लेषकों की राय आम तौर पर 'बाय' रेटिंग की है, लेकिन उनके औसत प्राइस टारगेट मौजूदा स्तरों से सावधानी और संभावित गिरावट का संकेत देते हैं। खावडा सुविधा का सबसे बड़ा परीक्षण यह होगा कि क्या यह Adani Green की महंगे शॉर्ट-टर्म फाइनेंसिंग पर निर्भरता को कम करते हुए एक लगातार रेवेन्यू जनरेटर बन सकती है।
