ACME Solar ने SECI के साथ **300 MW** के पीक पावर सप्लाई का करार किया है। कंपनी इसे **₹6.00 प्रति यूनिट** की दर से बिजली सप्लाई करेगी, लेकिन भारी कर्ज के बोझ ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रोजेक्ट की डीटेल्स
ACME Solar Holdings ने Solar Energy Corporation of India (SECI) की FDRE-IX टेंडर के तहत 300 MW का पीक पावर प्रोजेक्ट हासिल किया है। इस एग्रीमेंट के तहत कंपनी अगले 25 साल तक ₹6.00 प्रति kWh की फिक्स्ड दर पर बिजली देगी। इस प्रोजेक्ट में 1,200 MWh की स्टोरेज क्षमता शामिल है, जिसके जरिए कंपनी को पीक आवर्स के दौरान 4 घंटे तक पावर सप्लाई करनी होगी।
कंपनी का विस्तार और फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पाइपलाइन को 15 GWh तक ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹10,976 करोड़ से ज्यादा की फाइनेंसिंग जुटाई है, जिसमें IIFCL से राजस्थान प्रोजेक्ट के लिए मिला ₹1,571 करोड़ का लोन भी शामिल है।
निवेशकों के लिए सबसे अहम है कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो, जो फिलहाल 2.01 के आसपास है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि मुनाफे की रफ्तार कर्ज के ब्याज के मुकाबले धीमी रहती है, तो कंपनी पर फाइनेंशियल दबाव बढ़ सकता है।
चुनौतियां और जोखिम
इस सेक्टर में ऑपरेशन्स के दौरान जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और Central Transmission Utility (CTU) से कनेक्टिविटी जैसे जोखिम हमेशा बने रहते हैं। किसी भी तरह की देरी से लागत बढ़ सकती है, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, इंपोर्टेड कंपोनेंट्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धी बिडिंग के बीच टैरिफ का दबाव भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी समय पर प्रोजेक्ट्स को कमीशन कर पाती है या नहीं।
